जयप्रकाश नारायण का जन्म 11 अक्टूबर 1902 ईस्वी में हुआ था इनका जन्म सिताब दियारा गांव (उत्तर प्रदेश के बलिया और बिहार के सारण जिले में फैला) इनका बचपन का नाम बाउल था बड़े होने पर जेपी नाम से प्रसिद्ध अपनी जनपक्षरधरता के लिए लोक नायक के रूप में प्रसिद्ध हुए। जयप्रकाश नारायण विश्व सदी में भारत के एक प्रमुख समाजवादी, विचारक ,क्रांतिदर्शी नेता , समर्पित समाज कर्मी तथा विद्रोही स्वाधीनता सेनानी थे। उनका अध्ययन विशाल और राजनीतिक संगठन कर्म और लोक सेवा का अनुभव व्यापक और गहन था। भारतीय जनता में उनकी अस्थाई विश्वसनीयता और प्रतिष्ठा थी निष्ठा और अध्ययन व्यवसाय से परिपूर्ण अपने सक्रिय, रचनात्मक, सार्वजनिक जीवन में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय पहचान और प्रतिष्ठा कमाई। वे अपने समय में विश्व के कुछ चुने हुए लोकतांत्रिक नेताओं में से एक थे।
• जन्म - 11 अक्बर 1902 ई•
• निधन : 8 अक्टूबर 1979 ई•
• जन्म स्थान :सिताब दियारा गांव ( उत्तर प्रदेश के बलिया और बिहार के सारण जिला में)
• पुकार का नाम : बचपन में बाउल ।बड़े होने पर जेपी नाम से प्रसिद्ध अपनी जनपक्षधरता के लिए लोकनायक के रूप में प्रसिद्ध।
• माता - पिता : फुलरानी एवं हरसुदयाल
राजनीतिक जीवन : 1929 में कांग्रेस में शामिल ,1932 में सविनय अवज्ञ आंदोलन के दौरान जेल गए। फिर उन्होंने जेल से बाहर निकलकर कांग्रेस के अंदर ही कांग्रेस सोशलिटी पार्टी के गठन में अहम भूमिका निभाई। 1939 और 1943 में भी जेल गए, 1942 के आंदोलन से विशेष प्रसिद्धि मिली फिर उन्होंने आजादी के बाद 1952 में प्रजा सोशलिटी पार्टी के गठन में योगदान दिया फिर धीरे-धीरे सक्रिय राजनीति से स्वयं को अलग कर दिया फिर 1954 में विनोब भावे के सर्वोदय आंदोलन में जुडे।1974 में छात्र आंदोलन का नेतृत्व किया और आपातकाल के दौरान जेल गए। फिर इनके मार्गदर्शन में ही जनता पार्टी का गठन हुआ।
• कृतियां : जयप्रकाश नारायण जी ने बहुत सी कवि ताएं भी लिखी और डायरी एवं निबंध भी प्रकाशित किया। रिकंसट्रकशन ऑफ इंडियन पॉलिटि।
• सम्मान : 1965 में समाज सेवा के लिए मैग्सेसे सम्मान।1998 में भारत रत्न ( निधन होने के बाद)

