रविवार, 27 मार्च 2022

अमीर लोग पैसे के लिए काम नहीं करते बल्कि अमीर लोग पैसे का अविष्कार करते हैं।

                     संसार मैं अक्सर चतुर नहीं

                      साहसी लोग आगे बढ़ते हैं।

9 साल की उम्र में रॉबट कियोसाक और उनके बचपन के मित्र को एक सहपाठी के बीच हाउस पर इसलिए आमंत्रित नहीं किया गया क्योंकि वह एक समृद्धि स्कूल में पढ़ने वाले गरीब बच्चे थे। उनके एक गरीब डैडी एक शिक्षक थे और अच्छे पैसे कमाते थे लेकिन महीना चलाने के लिए हमेशा झूझते रहते थे जब उन्होंने यह सलाह दी कि जाकर पैसे बनाओ तो रॉबट और उनके मित्र माइक ने यह कहा सचमुच करने की कोशिश की: उन्होंने टूथपेस्ट के खाली ट्यूब लिए जो उस वक्त जस्ते से बनते थे। उन्होंने  पिघलाय और नकली निकल बनाने के लिए प्लास्टर के सांचों का इस्तेमाल किया।

                 रॉबट के डैडी ने उन्हें जल्दी ही सही राह पर पहुंचा दिया। उन्होंने यह सलाह दी कि उन्हें माइक के डैडी से पूछना चाहिए जिन्होंने कभी 8 में ग्रेड की पढ़ाई पूरी नहीं की थी लेकिन वह बहुत से सफल व्यवसाई चलाते थे।

माइक के डैडी पुस्तक के अमीर डैडी उन्हें सिखाने के लिए तैयार हो गए लेकिन उनकी कुछ शर्ते थी। उन्होंने कहा कि इसके लिए दोनों लड़कों को उनके कन्वेंशस स्टोर में हर शनिवार की सुबह 3 घंटे तक काम करना होगा जिनमें डिब्बों की दूरी साफ करना तथा दीगर सफाई शामिल थी। उन्होंने कहा कि हुए 10 सेंट प्रति घंटे की दर से पैसे देंगे। रॉबर्ट आमतौर पर यह 10 सेंट कॉमिक बुक्स पर सर्च कर देते थे।

इस निरस काम और कम वेतन से रॉबर्ट का जल्दी ही मोहभंग हो गया। जब उन्होंने अपने मित्र से कहा कि वह यह काम छोड़ने वाले हैं तो माइक ने कहा कि हमें डैडी ने पहले ही चेतावनी दे दी थी कि ऐसा होगा और रॉबर्ट को जाकर उनसे मिलना चाहिए रॉबर्ट के डैडी स्कूल टीचर थे और  व्याख्यान देते थे लेकिन माइक के डैडी  कम बोलते थे और एक बहुत अलग तरीके से सिखाते थे ऐसा रॉबर्ट को पता लगने वाला था।

अगले शनिवार की सुबह रॉबट माइक के डैडी से मिलने गए लेकिन आमिर डैडी ने रॉबर्ट से 1 घंटे तक धूल भरे अंधेरे लिविंग रूम में इंतजार कराया वह भन्न गए और भावुक हो गए जब उन्हें माइक के डैडी के सामने शिकायत करने का मौका मिला उन्होंने अग्र होकर कहा की वे लोभी है और उनके प्रति सम्मान नहीं दिखा रहे हैं। जब उन्होंने कहा कि माइक के डैडी ने अनुबंध के मुताबिक उन्हें कुछ नहीं सिखाया था तो वह शांति से असहमत हुए।

अमीर डैडी ने स्पष्ट किया कि जीवन आपको शब्दों से नहीं सिखाता है बल्कि चारों तरफ धकेल कर सिखाता है कुछ लोगों जीवन के दुखों को चुपचाप जेल जाते हैं बाकी नाराज हो जाते हैं और अपने बॉस या उनके परिजनों के खिलाफ भड़ास निकालते करते हैं लेकिन कुछ ऐसा लोग इससे सबक सीखते हैं और वास्तव में जीवन के धक्कों का स्वागत करते हैं क्योंकि इसका मतलब है कि उन्हें कुछ  सीखने की जरूरत है।

जो लोग या सबक नहीं सीखते हुए जीवन भर हर व्यक्ति को दोष देते रहते हैं और किसी बड़े अवसर का इंतजार करते हैं या सुरक्षित खेलने और कभी जोखिम ना लेने या बड़ी जीत हासिल ना करने का निर्णय लेते हैं।

उन्होंने रॉबर्ट को बताया कि वे और माइक पहले लोग थे जिन्होंने उनसे कभी पैसे बनाने का तरीका सीखना चाहा था उनके पास 150 से ज्यादा कर्मचारी थे और हालांकि उन्होंने नौकरी मांगी थी लेकिन उन्होंने रॉबर्ट और माइक की तरह कभी ज्ञान नहीं मांगा था।

इसलिए आमिर डैडी ने जीवन की तरह सिखाने की कोशिश में लड़कों को थोड़ा आसपास धकाया। रॉबर्ट ने पूछा कि उन्होंने क्या सबक सिखा सिवाय इसके कि आमिर डैडी ओछे थे और अपने कर्मचारियों का शोषण करते थे।अमीर डैडी ने इस बात पर उन्हें चुनौती दी और कहा कि ज्यादातर लोग दूसरों को दोष देते हैं जबकि वास्तव में उनका नजरिया ही समस्या होता है।

समस्या को कौन सुलझाएगा? उनका मस्तिष्क माइक के डैडी ने कहा वे चाहते थे कि रॉबर्ट यह सीखे कि पैसा कैसे काम करता है, ताकि वे इसे अपनी खातिर काम करा सके। वे रॉबर्ट के क्रोध को देख कर भी खुश थे क्योंकि क्रोध प्रेम के साथ मिलकर जोश को बनाता है जो सीखने का एक अहम घटक है।

उन्होंने आगे कहा कि पैसा लोगों की समस्याओं को नहीं सुलझा सकता। कई लोगों के पास भरी तनख्वाह वाली नौकरी तो होती है लेकिन इसके बावजूद भी पैसे की समस्याओं से धीरे रहते हैं जैसे रॉबर्ट के गरीब डैडी क्योंकि वह जानते ही नहीं है कि पैसे से अपनी खातिर कैसे काम कराएं।

उन्होंने कहा कि अगर रॉबर्ट ने यह सबक अभी नहीं सीखा तो उन्होंने 10 सेंट प्रति घंटे की नौकरी में जो महसूस किया था यानी निराशा और यह महसूस करना जैसे यह वेतन काफी नहीं था वैसा ही वे जीवनभर महसूस करते रहेंगे उन्होंने रॉबर्ट को टैक्स की अवधारणा बताइए और यह स्पष्ट किया कि गरीब और मध्यमवर्गीय लोग सरकार को उन पर टैक्स लगाने की अनुमति देते हैं लेकिन अमीर नहीं देते।

उन्होंने पूछा कि क्या रोबोट में अभी भी सीखने के प्रति जोश था। जब उन्होंने हां कहा तो अमीर डैडी ने उनसे कहा कि अब वे स्टोर में काम करने के लिए उन्हें पैसे नहीं देंगे। उन्होंने रॉबर्ट ने कहा कि वे इसके पीछे का अर्थ निकालने के लिए अपने दिमाग का इस्तेमाल करें।

रॉबर्ट और माइक ने 3 सप्ताह तक मुफ्त में काम किया माइक के डैडी आए और उन्हें बातचीत के लिए बाहर ले गए। उन्होंने पूछा कि क्या उन्होंने अब तक कोई चीज सीखी। वे कुछ नहीं सीख पाए थे। आमिर डैडी ने उन्हें बताया कि अगर इस शब्द को नहीं सीखते हैं तो वह ज्यादातर लोगों जैसे होंगे जो जीवन भर काम पैसे के लिए कड़ी मेहनत करते रहते हैं। उन्होंने प्रति घंटे 25 सेंट वेतन का प्रस्ताव रखा जिसका बच्चों ने प्रतिरोध किया। उन्होंने इसे बढ़ाकर $1 प्रति घंटे कर दिया और फिर $2 लेकिन रॉबर्ट खामोश बने रहें  1 घंटे के $5 के अंतिम प्रस्ताव के बाद रॉबर्ट जान गए कि वे नहीं बिकेंगे।

अमीर डैडी ने कहा कि यह अच्छी बात थी कि उनकी कोई कीमत नहीं थी। ज्यादातर लोगों की होती है क्योंकि डर और लोभ उनके जीवन को नियंत्रित करता है गरीब का डर उनसे कड़ी मेहनत कराता है और वेतन कमाबाता है लेकिन एक बार जब उनके पास वेतन आ जाता है तो लोभवश वे उन तमाम चीजों के बारे में सोचने लगते हैं जिन्हें वे खरीद सकते हैं इससे उन्हें ज्यादा पैसे की जरूरत महसूस होती है ताकि वह ज्यादा खर्च कर सके इसी को अमीर डैडी चूहा दौड़ कहते हैं।

उन्होंने लड़कों को बताया कि पहला कदम खुद के सामने यह स्वीकार करना है कि वे क्या महसूस कर रहे हैं अक्सर लोग टाकिर्क दृष्टि से सोचने के बजाय अपनी भावनाओं के तहत प्रक्रिया करते हैं वह यह स्वीकार करने से डरते हैं कि पैसा ही उनके जीवन को चला रहा है इसलिए पैसा उन्हें नियंत्रित करता है।

ऐसी बात नहीं है कि इस डर का सामना सिर्फ गरीब ही जो करते हैं अमीर लोगों को ही अक्सर डर लगता है। अमीर डैडी लड़कों को सिर्फ अमीर बनना ही नहीं सिखाना चाहते थे क्योंकि पैसे से समस्या नहीं सुलझती है।

आमिर डैडी ने उन्हें बताया कि स्कूल महत्वपूर्ण है लेकिन ज्यादातर लोगों के लिए यह शुरुआत नहीं बल्कि अंत है। और कुंजी यह है कि लड़के सोचने के लिए अपने भावनाओं का इस्तेमाल करना सीखे अपनी भावनाओं से सोचना ना सीखें उन्हें अपने विचारों का चयन करना सीखना चाहिए।

आमिर डैडी ने उन्हें बताया कि वे पैसा कमाने के तरीके पर निगाह रखें जिस पल आप किसी अवसर को देख लेते हैं आप जीवन भर अफसरों को देखने लगेंगे।

लड़कों ने ऐसा ही किया और जल्द ही उन्हें एक लाइब्रेरी बनाने का अवसर दिखा जहां बच्चे प्रवेश शुल्क देकर 2 घंटे में मनचाही कॉमिक पुस्तकें पढ़ सकते थे बिना बीकी कॉमिक बुक्स जो कन्वीनियंस स्टोर से फेंक दी जाती थी।

उन्होंने भारी मुनाफा कमाया और लाइब्रेरी का यह व्यवसाय 3 महीने तक अच्छी तरह चला लेकिन फिर लाइब्रेरी में फसाद होने की वजह से इसे बंद करना पड़ा लेकिन उन्होंने अपनी अनुपस्थिति में पैसे से अपनी खातिर काम कराने का पहला सबक सीख लिया था। वह ज्यादा सीखने के लिए तैयार थे और माइक के डैडी उन्हें सिखाने के लिए तैयार थे।





शुक्रवार, 18 मार्च 2022

सभी_महिलाओ_ और लड़कियों_को_आदर_सहित_समर्पित यह फैसला कीजिए कौन कैसा है। लड़का या लड़कियां



लड़के ने नम्बर मांगा आप ने दे दिया... 

लड़के ने तस्वीर मांगी आप ने दे दी...

लड़के ने वीडियो कॉल के लिए कहा आप ने कर ली...

लड़के ने दुपट्टा हटाने को कहा आप ने हटा दिया...

लड़के ने कुछ देखने की ख्वाहिश की आप ने पूरी कर दी...

लड़के ने मिलने को कहा आप माँ बाप को धोखा देकर आशिक़ से मिलने पहुंच गयीं...

लड़के ने बाग में बैठ कर आप की तारीफ़ करते हुए आपको सरसब्ज़ बाग दिखाए आपने देख लिये...

फिर जूस कार्नर पर जूस पीते वक़्त लड़के ने हाथ लगाया, इशारे किये, मगर कोई बात नहीं अब नया ज़माना है यह सब तो चलता ही है...

फिर लड़के ने होटल में कमरा लेने की बात की, आप ने शर्माते हुए इंकार कर दिया, कि शादी से पहले यह सब अच्छा तो नहीं लगता न...

फिर दो तीन बार कहने पर आप तैयार हो गयीं होटल के कमरे में जाने के लिए...

आप दोनों ने मिल कर खूब एंजॉय किया...

अंडरस्टेंडिंग के नाम पर दुल्हा दुल्हन बन गए बस बच्चा पैदा न हो इस पर ध्यान दिया...

फिर एक दिन झगड़ा हुआ और सब खत्म क्योंकि हराम रिश्तों का अंजाम कुछ ऐसा ही होता है...

लेकिन लेकिन...

यहां सरासर मर्द गलत नहीं है, वह भेड़िया है, वह मुजरिम है, वह सबकुछ है...

क्योंकि आप ने तो तस्वीर नहीं दी थी वह जबर्दस्ती आपके मोबाइल में घुस कर ले गया था...

आप ने तो अपना नम्बर नहीं दिया वह लड़का खुद आप के मोबाइल से नम्बर ले गया था...

आप ने तो वीडियो कॉल नहीं की वह लड़का खुद आप के घर पहुंच गया था आपको लाइव देखने...

जूस कार्नर पर भी जबरदस्ती ले गया था गन प्वाइंट पर...

होटल के कमरे तक भी वह आपको जबर्दस्ती आपके घर से ले गया था...

तो मुजरिम तो सिर्फ लड़का है आप तो बिल्कुल भी नहीं...

बच्ची हैं आप कोई चार साल की?

आपको समझ नहीं आती?

यह कचरे में पड़ी लाशें देख कर भी आपको अक़्ल नहीं आती?

यह बिना सर के मिलने वाले धड़ आपकी अक़्ल पर कोई चोट नहीं देते?

यह सोशल मीडिया पर आए दिन ज़्यादती के बढ़ती हुई घटना आपको कुछ नहीं बताती?

जूस कार्नर पर जाना, अपनी नंगी तस्वीर किसी गैर आदमी या लड़के को देना...

आपको नहीं पता था कि एक होटल के कमरे में या चारदीवारी में जिस्मों की प्यास बुझाई जाती है, 

सब पता था आपको, सब पता है आपको...

होटल के कमरे में मुहब्बत के अफसाने नहीं लिखे जाते,वहां कोई इबादत नही होती है

फिर शिकायत होती है के चार लड़कों ने ग्रुप रेप कर दिया... 

क्या लगता है वह आपका जो आपकी इज्ज़त का ख्याल रखे जो खुद आपको इसी मकसद के लिए लेकर जा रहा है?

अपनी सीमा में रहेंगी तो आपको कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता...

जिस्म के भूखो से दूर ही रहे लड़का हो या लड़की प्यार जैसे पवित्र रिश्ते को बदनाम ना करे प्यार दिल देखकर करे ना कि जिस्म देखकर l❣ जब तक तुम साथ नही दोगी तब तक किसी लड़के की कोई औकात नही हैं कि वो तुम्हे किसी होटल के रूम तक ले जा सके।।।।गलत लगे तो  मुझे माफ कीजिएगा!!  

      (तो आपलोग हमें फॉलो जरूर करे)

सोमवार, 14 मार्च 2022

मुख्यमंत्री वृद्धजन योजना क्या है? कैसे लाभ ले सकते हैं इस योजना है जरूर जान लीजिए।

बिहार सरकार ने 60 साल या उससे अधिक उम्र के सभी लोगों के लिए मुख्यमंत्री वृद्धाजन पेंशन योजना की घोषणा की है । इस योजना के तहत 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के लोगों को सरकार पेंशन देगी। सरकार की इस योजना का फायदा उन लोगों को नहीं मिल पाएगा जो सरकारी नौकरियों से रिटायर हुए हैं सरकार का कहना है कि बिहार में बहुत से ऐसे नागरिक है जिनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। उम्र के इस पड़ाव में वह काम करने में सक्षम नहीं है। रोजमर्रा के खर्च चलाने के लिए उन्हें आश्रित रहना पड़ता है ऐसे में वृद्ध नागरिकों को आर्थिक मदद के इरादे से इस योजना की शुरुआत की गई है। सरकार के अनुसार अब तक किसी पेंशन योजनाओं से वंचित राज्य के वृद्ध जनों को अन्य पेंशन योजना के तहत इस योजना के तहत ₹400 मासिक पेंशन मिलेगी इस योजना के मुख्य  बातें हैं - 

• बिहार 60 वर्ष और उसके ऊपर के सभी बुजुर्गों को पेंशन देने वाला पहला राज्य बन गया है।

• बिहार सरकार ने 1 मार्च 2019 को यूनिवर्सल ओल्ड एज पेंशन स्कीम लॉन्च की है।

• इस योजना का लाभ सभी जातियों और हर वर्ग के उस बुजुर्गों को मिलेगा जिससे अब तक केंद्र या राज्य सरकार की ओर से कोई पेंशन नहीं मिलती है।

• इसी योजना के तहत 60 वर्ष से अधिक आयु के गरीब लोगों को प्रतिमाह ₹400 और 80 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को प्रति माह ₹500 मिलेंगे।

• अन्य राज्यों में वृद्धावस्था पेंशन केवल बीपीएल परिवारों sc-st विधवा महिलाओं और विकलांगों को मिलती है हालांकि बिहार में हर एक पुरुष या महिला की उम्र 60 या उससे ऊपर है और उन्हें राज्य सरकार या केंद्र सरकार से अब तक कोई पेंशन नहीं मिल रही है तो वे मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के तहत पेंशन के हकदार होंगे।

• पहले से गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों को वृद्धा पेंशन योजना का लाभ दिया जा रहा था। विधवा पेंशन, दिव्यांगजनों को पेंशन जैसी अनेक योजनाएं चलाई जा रही थी लेकिन 60 वर्ष से ऊपर के सभी वृद्धजनों को चाहे स्त्री हो या पुरुष जी ने केंद्र या राज्य सरकार से कोई वेतन पेंशन परिवारिक पेंशन या सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त नहीं हो रही है उन्हें इसका लाभ देने की योजना बनाई और इसे लागू कर दिया गया है।

• इस योजना का लाभ करीब 35 से 36 लाख बुजुर्गों को मिलेगा जो अब तक किसी योजना के तहत पेंशन नहीं पाते हैं।

रविवार, 13 मार्च 2022

बिहार का प्राचीन इतिहास क्या है?

• पूर्व ऐतिहासिक काल में बिहार के विभिन्न भागों में आदिमानव रहते थे। आदिमानव से जुड़े विभिन्न प्रकार के पुरातात्विक साक्षी एवं सामग्रियां विभिन्न जगहों से प्राप्त हुई है। ऐसे ऐतिहासिक स्थल जहां से आदिमानव से जुड़ी चीजें मिली है वे हैं : मुंगेर,चिरांद(सरण) ,चेचर( वैशाली) ,नालंदा,सोनपुर, मनेर (पटना) आदि।

• पूर्व प प्रस्तर युग (100000 ई पूर्व से पहले ) के औजार मिले हैं। इसमें पत्थर की कुल्हाड़ी की फल, चाकू और खुरप के रूप में प्रयोग किए जाने वाले पत्थर के टुकड़े हैं। यह अवशेष मुंगेर और नालंदा जिले से प्राप्त हुए हैं।

• मध्य प्रस्तर युग (100000 ई पूर्व से 40000 ई पूर्व) के अवशेषों में छोटे आकार के पत्थर के बने सामान है जो तेज धारा एवं नोक वाले हैं। इनके अवशेष मुंगेर से मिले हैं।

• नव प्रस्तर युग (4000 से 2500 ई पूर्व) के अवशेष बिहार में चिरांद और चेचर जिलों से प्राप्त हुए हैं। इनमें नौ केवल पत्थर के सूक्ष्म औजर प्राप्त हुए हैं बल्कि हड्डियों के सामान भी मिले हैं।

• उत्तर वैदिक काल में (1000 ई पूर्व से 600 ई पूर्व ) मैं आर्यों का विस्तार बिहार में प्रारंभ हुआ। इस विस्तार में लौह - प्रौद्योगिकी की देन निर्णायक रही । 800 ई पूर्व रचित शतपथ ब्राह्मण में गांगेय घाटी के क्षेत्र में आर्यों द्वारा जंगलों का जलाकर और काटकर साफ करने का उल्लेख मिलता है। शतपथ ब्राह्मण में विदेह माधव द्वारा अपने पुरोहित गौतम राहु गन की अग्नि का पीछा करते हुए वर्तमान गंडक नदी 

( सदानीरा) तक पहुंचने की बात कही गई है।

• प्राचीन भारत के सोलह(16) महाजनपदों में प्रमुख थे - मगध और अंग। मगध के अंतर्गत वर्तमान बिहार के पटना तथा गया जिलों के क्षेत्र शामिल थे, जबकि अंग भागलपुर के आसपास के क्षेत्र को कहते थे।

• भांग के तीन अंतिम राजाओं में प्रथम दाधिवाहन थे, जिनकी की पुत्री चांदना महावीर के धर्म को स्वीकार करने वाली प्रथम महिला थी।

• वज्जी 8 गन राज्यों का संघ था। इसमें वैशाली के लिचिछ्वी भी मिथिला के विजेता कुंडाग्राम के ज्ञात के विशेष रूप से विख्यात थे। गणराज्य के प्रमुख सिद्धार्थ के यहां महावीर का जन्म 540 ईसवी पूर्व में कुंडल ग्राम में हुआ था। महावीर की माता त्रिशला लिच्छवी गणराज्य के प्रमुख घटक की बहन थी। महावीर स्वामी ने 468 ईसवी पूर्व में पावापुरी नामक स्थान पर निर्माण प्राप्त किया।

• वैशाली बौद्ध काल में सबसे शक्तिशाली राजीव था। इसकी स्थापना सूर्यवंशी इक्ष्वाकु के पुत्र विशाल ने की थी। महाभाग्य जातक में वैशाली को एक धनी समृद्ध साली तथा घनी आबादी वाला नगर कहा गया। जैन साहित्य से पता चलता है कि मगध के शासक अजातशत्रु के विरुद्ध चेतक ने मलका सी तथा कौशल के साथ मिलकर एक सम्मिलित मोर्चा बनाया था।

• यजुर्वेद में विदेश राज्य का उल्लेख मिलता है। यहां के राजवंश की शुरुआत इक्ष्वाकु के पुत्र ने भी विदेह से मानी जाती है जो सूर्यवंशी थे। दूसरे राजा मीठी जनक विदेह मिथिला क्या स्थापना की थी। इसके बाद से यहां के सभी राजाओं के नाम में जनक सब जुड़ने लगा। इस वंश के प्रसिद्धि शासक जनक विधि के शासन कल में विद्वानों की एक प्रतियोगिता हुई थी जिनमें याज्ञवल्क्य विजय हुए। इनकी जानकारी बृहदारण्यक उपनिषद में मिलती है।

•  अलकप्प के बुली गणराज आधुनिक बिहार राज्य के शहानाबाद ,आरा और मुजफ्फरपुर जिलों के बीच स्थित था। बुली लोग बौद्ध धर्म के अनुयाई थे। महाप्रिनिवर्ण सूत्र के अनुसार मोदी की मृत्यु के पश्चात उन्होंने उनके अवशेषों का एक भाग प्राप्त किया तथा उस पर स्तूप का निर्माण करवाया था।

शनिवार, 12 मार्च 2022

लोक शिकायत निवारण कानून क्या है ?लोक शिकायत निवारण कानून कैसे सूचना दे सकते हैं, लोक अदालत में शिकायत कैसे करें, बिहार लोक शिकायत निवारण कानून क्या है?

• आम जनता की समस्याएं एवं शिकायतों का समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। शिकायतों की सुनवाई एवं निवारण का अवसर प्रदान करने की ठोस पारदर्शी एवं जवाबदेह व्यवस्था कायम करने के उद्देश्य से गुड - गवर्नेंस की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए सरकार द्वारा संपूर्ण क्रांति दिवस एवं विश्व पर्यावरण दिवस दिनांक 5 जून 2016 को पूरे राज्य में बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम 2015 में लागू किया गया है।

• अब जनता को उनकी शिकायतों की सुनवाई एवं उसके निवारण के अब सर का कानूनी अधिकार प्राप्त हो गया है। इतना ही नहीं किसी शिकायत पर की गई कार्रवाई अथवा पारित निर्णय की सूचना भी प्राप्त करने का उन्हें वैधानिक अधिकार अधिनियम द्वारा प्राप्त हुआ है। यह अपने आप में अभिनव प्रयोग है। बिहार देश का ऐसा पहला राज्य है जहां आम लोगों को उनके परिवार पर सुनवाई के साथ-साथ उनके निवारण का भी लागू कानूनी अधिकार प्रदान किया गया है।

• आम जनता को राज्य सरकार द्वारा राज्य में चलाई जा रही किसी योजना कार्यक्रम या सेवा में संबंध में कोई लाभ या अनुतोष मांगने हेतु परिवाद दायर करने का अधिकार प्राप्त हो गया है। इतना ही नहीं ऐसी किसी योजना कार्यक्रम या सेवा का फायदा पहुंचाने में विफल रहने पर अथवा विलंब होने पर भी परिवाद दायर किया जा सकता है। किसी लोक सेवक द्वारा राज्य में प्रभावी किसी विधि लिपि सेवा कार्यक्रम या योजना के उल्लंघन से उत्पन्न किसी मामले में भी आम जनता को शिकायत करने का अधिकार इस अधिनियम के द्वारा प्रदान किया गया है। सरकार द्वारा निशुल्क परिवाद दायर करने की व्यवस्था की गई है।

• राज्य सरकार द्वारा इस अधिनियम को कार्य न विनती करने के लिए स्वतंत्र प्रशासनिक ढांचा विकसित करते हुए राज्य के सभी 101 अनुमंडलो, सभी आरती जिला मुख्यालय के साथ सभी 40 विभागों के लिए लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के पद सृजित किए गए हैं और इन पर बिहार प्रशासनिक सेवा के अनुभवी अधिकारियों की तैनाती भी कर दी गई है। इन कार्यालयों में सहयोगी कर्मियों के रूप में बारिश होती 30 पद सृजित करते हुए इन पर नियोजन भी किया गया है।

• परिवाद के निवारण की दृष्टि पथ में रखकर इस अधिनियम के तहत अपील दायर करने का प्रावधान किया गया है तथा यदि कोई लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी अथवा कोई अन्य लोग प्राधिकार किया प्रथम अपीलीय प्राधिकार बिना किसी पर्याप्त और युक्ति युक्त कारण के नियम समय सीमा के भीतर सुनवाई एवं निवारण का अवसर प्रदान करने में विफल रहता है तो उस पर दंड आरोपित करने का प्रावधान इस अधिनियम मैं क्या गया है, जिसकी वसूली उस पदाधिकारी के वेतन से की जाएगी। इस अधिनियम की सफलता इसी बात से साबित होती है कि इतने कम दिनों के अंदर लगभग 82122 आवेदन पत्र इस व्यवस्था के तहत प्राप्त हुए हैं, जिसमें लगभग 60908 मामलों का समय सीमा के भीतर निष्पादन किया जा चुका है। शेष वादों में सुनवाई जारी है। परिवार प्राप्त करने के लिए सभी विभाग, जिला एवं अनुमंडल में लोक शिकायत प्राप्ति केंद्र बनाए गए हैं।

• शिकायतों की प्राप्ति के लिए सूचना भवन में राज्य लोक शिकायत प्राप्ति केंद्र का भी निर्माण किया गया है। इसके अतिरिक्त कोई भी व्यक्ति डाक द्वारा ऑनलाइन वेब पोर्टल http/lokshikayat.Bihar.gov. In अथवा ईमेल infolokshikayat - bih @gov. in से भी परिवाद दर्ज करा सकता है। परिवाद दर्ज कराने तथा दर्ज कराने के परिवाद पर करवाई की स्थिति जानने के लिए टोल फ्री नंबर वाला कॉल सेंटर (नंबर 18003456284) भी स्थापित किया गया है।


सोमवार, 7 मार्च 2022

मुजफ्फरपुर जिला की मुख्य बातें क्या क्या है?

  • मुजफ्फरपुर का मुख्यालय कहां है - मुजफ्फरपुर

• गठन कब हुआ था - 1875

• क्षेत्रफल कितना है - 3172 वर्ग किलोमीटर

• जनसंख्या कितना है - 4801062

• जनसंख्या घनत्व कितना है - 1514

• कुल साक्षरता कितना है - 63.43%

• पुरुष साक्षरता कितना है - 71.28%

• महिला साक्षरता कितना है - 54.67%

• लिंगनुपात कितना है - 900

• अनुमंडल कितना है और कौन कौन सी है- 2(मुजफ्फर पूर्वी, मुजफ्फर पश्चिमी)

• प्रखंड कितना है और कौन कौन सी है - 16(साहेबगंज,बरूराज, पारू,सरैया,मड़वन, कांटी,मीनापुर, बोचहां,औराई, कटरा,गयघाट, बंदरा,ढोली,मुसहरी, कुढहनी,सकरा)

• ग्राम पंचायत कितना है - 387

• ग्राम कितना है - 1811

• लोकसभा क्षेत्र कितना और कौन कौन सी है - 1(मुजफ्फर)

• विधानसभा क्षेत्र कितना है और कौन कौन सी है - 10(मुजफ्फरपुर,साहेबगंज,औराई,कांटी, बोचहां,बरूराज,मीनापुर,गायघाट,पारू,सकरा)

• प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी - नथुनी महतो, भरत ठाकुर, महेंद्र सिंह, रामचंद्र शर्मा, राम परीक्षण शर्मा, सहदेव शर्मा, डॉ सूर्यदेव सिंह, दीप नारायण सिंह, जगन्नाथ साहू, लक्ष्मी गुप्ता, बावन सिंह दास,वीर प्रसाद साहू,मंजूर अहसन एजाजी,महादेव शाहू

• प्रमुख मेला कौन सी है - मकर सक्रांति का मेला,हरदी मेला

• प्रमुख नदी कौन सी है - बागमती, बूढ़ी गंडक 

 •मिट्टी कौन सी है - जलोढ मिट्टी,ताल मिट्टी,

• उद्योग कौन सी है - चीनी उद्योग,थर्मल पावर,वैगन फैक्टरी, सूती वस्त्र उद्योग आदि।

• पर्यटक स्थल कौन कौन सी है - शहीद खुदीराम स्मारक 

• एसटीडी (STD) कोड - 0621 

• प्रमुख व्यक्तित्व - रामवृक्ष बेनीपुरी


















रविवार, 6 मार्च 2022

बिहार में बेरोजगारी के कारण एवं निदान कैसे हुआ ।

• बेरोजगारी एक आर्थिक समस्या है। अर्थव्यवस्था में जब प्रचलित मजदूरी पर व्यक्ति काम करता है उसे काम नहीं मिलता है तब उसे बेरोजगार कहा जाता है।

• देश की कुल बेरोजगार व्यक्तियों का 6.65% बिहार राज्य में निवास करता है। बिहार में कुल श्रमशक्ति का 2.3% बेरोजगार है, जबकि भारतवर्ष के कुल श्रमशक्ति का 2.8% प्रतिशत बेरोजगार है।

• भारतवर्ष की कुल  रोजगार व्यक्तियों का 11.13% बिहार• राज्य में निवास करता है। योजना आयोग के अनुसार भारत के कुल बेरोजगार का 7 से 8 % बिहार राज्य में निवास करता है।

• प्रथम पंचवर्षीय योजना में ग्रामीण रोजगार भर्ती हेतु समुदायिक विकास योजना को लागू क्या गया ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन किया जा सके।

• बिहार सरकार ने दुतीय योजना 1965 से 61 में केंद्र सरकार के साथ वृहत उद्योगों तथा भारी उद्योगों को सार्वजनिक क्षेत्रों में स्थापित किया जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित किए गए।

• तृतीय पंचवर्षीय योजना में बृहत उद्योगों का विस्तार चलता रहा तथा सामुदायिक विकास कार्यक्रम को और सुदृत किया गया ताकि गावों में रोजगार सृजित किए जाए।

• बिहार सरकार ने रोजगार सृजन हेतु चतुर्थ पंचवर्षीय योजना में निम्नांकित कार्यक्रम चलाए।

• रोजगार कार्यक्रम के लिए पंचवर्षीय योजना काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि कई नए विस्तृत रोजगार कार्यक्रम लागू किए गए 

• आठवीं पंचवर्षीय योजना में पुराने रोजगार कार्यक्रमों में परिवर्तन किया गया तथा नई रोजगार  कार्यक्रम भी लागू किए गए

• नवमी पंचवर्षीय योजना में बिहार सरकार ने स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना लागू किया।

• 11वीं  पंचवर्षीय योजना में प्रधानमंत्री रोजगार योजना और ग्रामीण रोजगार सृजन कार्यक्रम को लेकर प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की शुरुआत की गई।

• 12वीं पंचवर्षीय योजना में युवाओं को स्वरोजगार के लिए कम ब्याज पर लोन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री मुद्रा योजना वर्ष 2015 में शुरुआत की गई।



शनिवार, 5 मार्च 2022

भारत की ऐतिहासिक लड़ाइयां कौन कौन सी है और किसके द्वारा और कब हुआ था?

 1. तराइन का प्रथम युद्ध  - पृथ्वीराज ने मोहम्मद गौरी को हराया 1191 ई • में।

2. तराइन का द्वितीय युद्ध - मोहम्मद गोरी ने पृथ्वीराज को हराया 1192 ई• में।

3. चंदवार का युद्ध - मुहम्मद गोरी ने जयचंद को हराया 1194 ई• में।

4. पानीपत की पहली लड़ाई - बाबर ने इब्राहिम लोदी को हराया 1526 ई में।

5. खानवा का युद्ध - बाबर ने राणा सांग को हराया 1527 ई में।

6.चंदेरी का युद्ध - बाबर ने मेदनी राय को हराया 1528 ई में।

7.घाघरा का युद्ध - बाबर ने अपह्गणों को हराया 1529 ई में।

8. चौसा का युद्ध - शेरशाह ने हुमायूं को हराया 1539 ई में।

9. कन्नौज का युद्ध - शेरशाह ने हुमायूँ को हराया 1540 ई में।

10. पानीपत की दूसरी लड़ाई - अकबर ने हेमू को हराया 1556 ई में।

11. तालिकोट का युद्ध - विजयनगर साम्राज्य का पतन 1565 ई में।

12.हल्दीघाटी का युद्ध - अकबर ने महाराणा प्रताप को  हराया 1576 ई में।

13. पलासी का युद्ध - अंग्रेजो ने सिराजुदौला को हराया 1757 ई में।

14. वाडीवास का युद्ध - फ्रांसीसी की पराजय 1760 ई में।

15.पानीपत की तीसरी लड़ाई - अहमद शाह अब्दाली ने मराठों को हराया 1761 ई में।

16. बक्सर का युद्ध - अंग्रेजों ने मीरकासिम को हराया 1765 ई में।

17.रुहेला का युद्ध - 1774 ई में।

18. खुर्दा का युद्ध - निजाम की पराजय 1795 ई में।

19.प्रथम स्वतंत्रता संग्राम - 1857 ई में।

21.प्रथम भारत चीन युद्ध - 1962 ई

22.प्रथम भारत पाकिस्तान युद्ध - 1965 ई में।

23. दूतीय भारत और पाकिस्तान युद्ध - 1971 ई में।

नोट : प्रथम विश्व युद्ध 1914 - 18 में एवं द्वितीय विश्व युद्ध युद्ध 1939 - 45 ई में हुआ।


शुक्रवार, 4 मार्च 2022

आइए आज हमलोग सौरमंडल के बारे में जानते है,सौरमंडल की प्रमुख बातें।

• सबसे बड़ा एवं सर्वाधिक भारी ग्रह - वृहस्पति

• सबसे छोटी एवं सूर्य से सबसे निकट स्थित ग्रह - बुध
• पृथ्वी के सबसे निकट का ग्रह - शुक्र
• पृथ्वी और सूर्य से सबसे दूर स्थित ग्रह - वरुण
• सौरमंडल का सर्वाधिक चमकीला एवं गर्म ग्रह - शुक्र
• सर्वाधिक ठंडा ग्रह - वरुण
• सबसे अधिक उपग्रह वाला ग्रह - वृहस्पति
• बिना उपग्रहों वाला ग्रह - बुध एवं शुक्र
• लाल ग्रह को नीला ग्रह - मंगल तथा पृथ्वी
• पीला ग्रह तथा हरा ग्रह - बृहस्पति तथा अरुण
• भोर तथा सांझ का तारा, पृथ्वी की बहन, जुड़वा ग्रह कहलता है। - शुक्र
• चंद्रमा पर दिन तथा रात का तापमान - 100°c तथा 180°c
• सूर्य का व्यास - 1392000 किमी•
• सौरमंडल का सबसे बड़ा उपग्रह - गेनीमेड ( बृहस्पति का उपग्रह)
• सौरमंडल का सबसे छोटा उपग्रह - डिमोस (मंगल के उपग्रह)
• सनी का सबसे बड़ा उपग्रह - टाइटन
• वलय युक्त ग्रह - शनि
• सबसे कम समय में सूर्य के चक्कर लगाने वाला ग्रह - बुध (88 दिन)
• सबसे अधिक समय में सूर्य के चक्कर लगाने वाला ग्रह - वरुण
• पृथ्वी के विपरीत दिशा में चक्कर लगाने वाला ग्रह - शुक्र तथा अरुण
• सर्वाधिक चमकीला तारा - साइरस ( डॉग स्टार)
• सौर दिवस की अवधि - 24 घंटा
• सूर्य के केंद्र तथा सतह  का तापमान - 15M°C और6000°C
• सूर्य प्रकाश को पृथ्वी पर पहुंचने में लगा समय - 8 मिनट 20 सेकेंड
• चंद्रमा का प्रकाश को पृथ्वी पर पहुंचने में लगा समय - 1.3 सेकेंड
• सूर्य का प्रमुख संधाटक - हाइड्रोजन 74% और हीलियम 25%
• सूर्य की ऊर्जा का स्रोत - नाभिकीय संलयन
• पृथ्वी का भूमध्यरेखीय व्यास - 12756 किमी
• पृथ्वी का ध्रुव व्यास -12714किमी
• पृथ्वी का विषुवतीय व्यास ध्रुवी व्यास से ज्यादा है - 42किमी
• पृथ्वी का अपनी धुरी पर झुकाव - 23-1/2
• पृथ्वी का अक्ष पर घूर्णन - पश्चिम से पूरब
• सबसे बड़ा तारामंडल - सेंटारस
• आकाशगंगा की आकृति है - स्पाइरल
• सूर्य पृथ्वी से बड़ा है - 109 गुणा
• शुभी का सबसे चमकीला सतह - प्रकाश मंडल
• सूर्य का वह्यतम परत कहलाता है - किरीट (कोरोना)
• तारे का रंग सूचक है - उसके ताप का 
• सूर्य ग्रहण होता है जब - चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आती है
• क्षूद्र ग्रह स्थित है - मंगल एवं बृहस्पति के बीच
• ब्रह्मांड मैं विस्फोट तारा कहलाता है - अभिनव तारा
• अंतरिक्ष में तारामंडलों की संख्या है - 89
• चंद्र ग्रहण होता है जब - पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आती है
• किस ग्रह पर सूर्य पश्चिम में होता है - अरुण एवं शुक्र
• पृथ्वी तथा सूर्य के निकटतम तारा - सूर्य तथा प्रोकिस्मा
  सैंटोरी
• शनि सूर्य के चारों एक चक्कर लगाता है - 29.5वर्ष
• चंद्रमा द्वारा पृथ्वी की परिक्रमा में लगा समय - 27.3 दिन

गुरुवार, 3 मार्च 2022

शाहजहां (1627- 1657 ई•) जीवन का परिचय क्या है?

• जहांगीर के बाद सिंहासन पर शाहजहां बैठा।

• जोधपुर के शासक मोटा राजा उदयसिंह के पुत्र जगत गोसाई के गर्भ से 5 जनवरी 1993 ईस्वी  को शाहजहां का जन्म लाहौर में हुआ था।

• 1612 ई• में खुर्रम (शाहजहां) का विवाह आसिफ खान की पुत्री अर्जुन बंद बानो बेगम से हुआ जिसे शाहजहां ने मालिका -ए - जमानी की उपाधि प्रदान की। 1931 ईस्वी में प्रसव पीड़ा के कारण उसकी मृत्यु हो गई।

• 24 फरवरी 1628 ईस्वी को शाहजहां आगरे में अबुल मुजफ्फर शहाबुद्दीन मुहम्मद साहिब किरण ए सानी की उपाधि प्राप्त कर सिंहासन पर बैठा।

• शाहजहां ने आसिफ खां को वजीर पद प्रदान किया।

• इसने महावत ख़ां को खान खाना की उपाधि प्रदान की।

• शाहजहां ने नूरजहां को ₹200000 प्रति वर्ष की पेंशन देकर लाहौर जाने दिया, जहां 1645 ईसवी में उसकी मृत्यु हो गई।

• शाहजहां ने अपनी बेगम मुमताज महल की याद में शाहजहां ने ताजमहल का निर्माण आगरा में उसकी कब्र के ऊपर करवाया।

• ताजमहल का निर्माण करने वाला मुख्य स्थापत्य कलाकार उस्ताद अहमद लाहौरी था।

• मयूर सिंहासन का निर्माण शाहजहा ने करवाया था इसका मुख्य कलाकार बे बादल खां था।

• शाहजहां के शासनकाल को स्थापित कला का स्वर्ण युग कहा जाता है। शाहजहां द्वारा बनवाई गई प्रमुख इमारतें हैं - दिल्ली का लाल किला ,दीवाने आम,दीवाने खास,दिल्ली जामा मस्जिद,आगरा मोती मस्जिद,ताजमहल आदि।

• शाहजहां ने 1638 ईस्वी में अपनी राजधानी की आगरा से दिल्ली लाने के लिए यमुना नदी के दाहनी तट पर शाहजहानाबाद की नींव डाली।

• आगरा की जामा मस्जिद का निर्माण शाहजहां की पुत्री जहांआरा नहीं करवाई।

• शाहजहां के दरबार के प्रमुख चित्रकार मोहम्मद फकीर एवं मीर हासिम थे।

• शाहजहां ने संगीत दे लाल खान को गुण समंदर की उपाधि दी थी।

• शाहजहां के पुत्रों में दराशिकोह को सर्वाधिक विद्वान था।इसने सर्र ए अकबर ( महान रहस्य) नाम से उपनिषदों का अनुवाद करवाया था ।

• शाहजहां ने दिल्ली में एक कॉलेज का निर्माण एवं दरुर्ल बांका नामक कॉलेज की मरम्मत करवाई।

• शाहजहां के पुत्रों के बीच उत्तराधिकार का युद्ध 1657 ईस्वी में शुरू हुआ।

• 18 जनवरी 1658 ईस्वी को औरंगा जेब ने शाहजहां को बंदी बना लिया।

• 25 अप्रैल 1658 इसी में धारा एवं औरंगजेब के बीच धर्मत का युद्ध हुआ इस युद्ध में धारा की पराजय हुई।

• शामगढ़ का युद्ध अर्जुन 1658 ईस्वी कौन धारा एवं औरंगजेब के बीच हुआ इस युद्ध में भी दारा की हार हुई।

• उत्तराधिकार का अंतिम युद्ध देवराई की घाटी में 12 से 14 अप्रैल 1659 ई• को हुआ । इस युद्ध में धारा के पराजित होने पर उसे इस्लाम धर्म की अवहेलना करने के अपराध में 30 अगस्त 1659 ईसवी को हत्या कर दी गई।

• शाह बुलंद इकबाल (king of lofty fortune ) के रूप में दारा शिकोह जाना जाता है। 

• आगरा के किले में अपने कैदी जीवन के 8 वर्ष अर्थात 31 जनवरी 1666 ई• को 74 वर्ष की अवस्था में शाहजहां की मृत्यु हो गई।

बुधवार, 2 मार्च 2022

बिहार में हुए बिहार पुलिस सुधार योजना के अंतर्गत कुछ संबंधित मुख्य बातें

• आधुनिक पुलिस नियंत्रण कक्ष - पुलिस महानिदेशक कार्यालय में 24 * 7 आधार पर हेल्पलाइन सहित पुलिस नियंत्रण कक्ष कार्यरत किया गया है। इसमें और टेलीफोन स्थापित किए गए हैं जिनमें कंप्यूटर एवं अन्य उपस्कर भी शामिल है। इस नियंत्रण कक्ष में आम नागरिकों द्वारा दूरभाष के माध्यम से किसी भी प्रकार की शिकायत परिवाद दर्ज कराई जा सकती है। परिवाद शिकायत दर्ज होने के पश्चात उस व्यक्ति को एक नंबर भी आ जाता है तथा संबंधित परिवार शिकायत संबंधित थाना अध्यक्ष एवं पुलिस अध्यक्ष पुलिस उपाध्यक्ष को अविलंब त्वरित कार्यवाही हेतु भेजा जाता है। साथ ही उनसे कृत्य कार्रवाई की सूचना प्राप्त कर शिकायतकर्ता परिवादी को सूचित किया जाता है।

• थाना स्तर पर अनुसंधान तथा विधि व्यवस्था का पृथक्करण - पुलिस सुधार की कड़ी में थाना स्तर पर अनुसंधान एवं विधि व्यवस्था कार्य हेतु पता करें कार्यों का पृथक्करण किया गया है। इससे पुलिस व्यवस्था अधिकारी उन्मुख बनेगी तथा अनुसंधान के स्तर में सुधार आएगा साथी विधि व्यवस्था की समस्याओं से त्वरित रूप से निबटने में मदद मिलेगी। इसके तहत प्रथम चरण में पटना शहर के 23 थाना, तत्पश्चात अनुमंडल स्तर के 155 थाना एवं वर्तमान में राज्य के सभी थाना में इसे लागू किया गया है। इस व्यवस्था के लिए आवश्यक मानव संसाधन का आकलन पुलिस मुख्यालय स्तर पर किया जा सकत है तथा पदाधिकारियों के दोनों कंधों में पदस्थापन के मापदंड निर्धारित किए गए हैं।

• सुरक्षित शहर हेतु (CCTV) सीसीटीवी कैमरा तंत्र की अधिष्ठापन योजना - इसके तहत राज्य के मुख्य शहरों में नागरिकों को सुरक्षा का एहसास करने, विधि व्यवस्था एवं अपराध की समस्या से प्रभावित स्थानों पर नियंत्रण निगरानी रखने तथा Response time को कम करने हेतु प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरा प्रणाली का अधिष्ठापन पर किया जाएगा, जिसे नियंत्रण कक्ष एवं प्रतिक्रिया तंत्र के साथ एकीकृत किया जा रहा है इसका नियंत्रण जिला पुलिस अध्यक्ष कार्यालय में रहेगा।

• बिहार पुलिस अवर सेवा चयन आयोग का गठन - मैं पुलिस अवर निरीक्षक एवं अन्य भर्ती धारी विभागों में समक्ष पदों पर चयन का कार्य पूर्व से बिहार कर्मचारी चयन आयोग द्वारा किया जा रहा है। बस में लगने के कारण समय पर नियुक्ति नहीं हो पाती थी। किस समस्या से निपटने हेतु बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग अधिनियम 2016 के तहत गिरी विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण आदेश बिहार पुलिस अवर सेवा चयन आयोग का गठन किया गया है, जिसमें अध्यक्ष एवं अन्य सदस्यों के पदों का सृजन किया जा चुका है। इससे अवर निरीक्षक सर्वांग क नियुक्ति में गति आएगी।

• पुलिस थाना में महिला शौचालय स्नानागार की व्यवस्था - राज्य सरकार के द्वारा सरकारी सेवाओं में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने के लिए 35% आरक्षण की व्यवस्था की गई है। इसी कड़ी में पुलिस में भी यह व्यवस्था लागू की गई है। महिला पुलिस कर्मी की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा 40 पुलिस सेवा में उपस्थित 559 थानों में महिला पुलिस कर्मियों एवं थाना में आने वाली महिला आगंतुकों के लिए 02 आदत शौचालय वह स्नानागार 41 महिला शौचालय एवं 69 पांच सीटें महिला शौचालय का निर्माण कराया जा चुका है। कीर्यानवन को विकेंद्रीकृत करते हुए बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम के नियंत्रण में संबंधित थानाध्यक्ष को पूर्व अनुमोदित नक्से एवं प्रकलित राशि उपलब्ध कराकर कीर्यानिवत किया गया है।

• पुलिस अधिकारियों के लिए स्थानांतरण नीति का निर्धारण कर आदेश निर्गत कर दिया गया है।

• पुलिस अध्यक्ष के कार्य एवं मूल्यांकन संकेत को की पहचान के साथ-साथ अनुसंधान पदाधिकारी विधि व्यवस्था पदाधिकारी निरीक्षकों एवं पुलिस उपाधीक्षक ओं का कार्य निष्पादन संकेतक ओं का सिस्टम निर्धारण पालीवाल किया गया है एवं तंत्र संबंधी आदेश निर्गत किया गया है।

• बिहार मंदिर  चहारदीवारी निर्माण योजना - प्रारंभ किस वर्ष किया गया है इस योजना के तहत राज्य के निवासियों की धार्मिक आस्था को ध्यान में रखते हुए मंदिरों में रख ऐतिहासिक महत्व, बहुलुल्य मूर्तियां, मुकुट, आभूषण यादी की रक्षा हेतु मंदिरों की पक्की मजबूत चहारदीवारी का निर्माण कराया जाना है। इसके अंतर्गत बिहार धार्मिक न्यास परिषद में निबंधित कम से कम 60 वर्ष पहले निर्मित मंदिर केवम वह मंदिर जिसमें बिहार पर्यटन की संभावना बढ़ती है तथा जहां विधि व्यवस्थ एवं सुरक्षा का प्रश्न उत्पन्न होता है उनकी सुरक्षा के लिए चहारदीवारी का निर्माण किया जाना है।

• थाना में सी.सी.टी. वी. तंत्र का अधिष्ठापन - राज्य के सभी थाना निगम हाजत मैं सीसीटीवी कैमरे लगाने हेतु ₹242.26 करोड़ की योजना स्वीकृत की गई है, जिसमें हिरासत के लिए गए किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध मानवाधिकार उल्लंघन की शिकायत में कमी आएगी तथा आम नागरिकों का मानव अधिकार एवं आत्मसम्मान का संरक्षण सुरक्षित होगा।

• आर्थिक अपराध इकाई में साइबर क्षमता  - देश मैं साइबर अपराध के बढ़ते चलन को देखते हुए राज्य की आर्थिक अपराध इकाई को इस दिशा में सदस्य एवं संबंधित करने के उद्देश्य से मुख्यालय एवं जिला स्तर पर साइबरक्राइम एंड सोशल मीडिया लैब का गठन किया जा रहा है क्योंकि इस अपराध में प्राप्त सूचना पर तत्काल विशेषता शंकर कवाई की आवश्यकता होती है।  देरी होने पर न सिर्फ सूत्र समाप्त हो जाता है बल्कि साक्ष्य भी नष्ट हो जाता है







मंगलवार, 1 मार्च 2022

क्या आप क्रिकेट खेल को पसन्द करते हैं? तो उससे समंधित जानकारी जान लीजिए , क्रिकेट खेल की प्रमुख बातें।

• क्रिकेट खेल का जन्मदाता इंग्लैंड को माना जाता है। दुनिया का पहला क्रिकेट हैमबल्डन में 1760 के दशक में बना और मेरीलिवॉन क्रिकेट क्लब की स्थापना 1787 में हुई।

• क्रिकेट का पहला टेस्ट मैच 887 में ऑस्ट्रेलिया एवं इंग्लैंड के बीच मेलबर्न में आयोजित किया गया । क्रिकेट का पहला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच इंग्लैंड एवं ऑस्ट्रेलिया के बीच 1971 में मेलबर्न में आयोजित  किया गया था।

• क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आई• सी• सी•) है; जिसका मुख्यालय एक अगस्त 2005 से दुबई में है पहले यह लॉर्ड्स (इंग्लैंड) में था।

परिमाप 

पिच की लंबाई - 22 गज,गेंद का भार - 155 से 168ग्राम,बल्ले की लंबाई - 96.6 सेमी• ,बल्ले की चौड़ाई - 22.9 सेमी•, स्टांप की लंबाई - लगभग 72 सेमी•

 • क्रिकेट शब्दबली - चाइनामैन, बैट्समैन, बॉलर , विकेटकीपर, फिल्डर, एलबीडब्ल्यू, कैच, हिट विकेट , थ्रो,मेडन,चौका,छक्का, वाइट, स्विग, स्ट्रोक, कवर, मीड ऑन, मिड विकेट , ओवर द विकेट , राइंड द विकेट, लेग स्पिनर,ऑफ स्पिनर, ओवर थ्रो, ओवर, सिल्प,गली,कवर पॉइंट, सिली प्वाइंट, लांग ऑफ, लॉन्ग ऑन, थर्ड मैन, शॉर्ट पिच ,हुक, डेड बॉल,रन आऊट ,पॉपिंग क्रीज आदि।

• 2011 का विश्व कप क्रिकेट भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका एवं बांग्लादेश में प्रस्तावित था।

• विश्व कप क्रिकेट 2011 का फाइनल मैच मुंबई में खेला गया था।

• विश्व कप 2015 का आयोजन ऑस्ट्रेलिया एवं न्यूजीलैंड में तथा विश्व कप 2019 का आयोजन इंग्लैंड में किया गया था।