1.इसका गठन बिहार पंचायत समिति तथा जिला परिषद अधिनियम 1991 के तहत होता है।
2.इसके चार प्रमुख अंग हैं - पंचायत समिति,प्रमुख, एवं उप प्रमुख, स्थायी समिति तथा प्रखंड विकास पदाधिकारी ।
3.यह विकास कार्यक्रमों के क्रियान्वयन मैं ग्राम एवं जिला के बीच एक कड़ी सदृश है।
4.पंचायत समिति का प्रधान प्रखंड प्रमुख होता है।
पंचायत समिति के कार्य:
•क्षेत्र के विकास के लिए वार्षिक योजनाओं को तैयार करना एवं उसे जिला परिषद् को जिला योजना मैं सम्मिलित करने हेतु समर्पित करना।
•पंचायत समिति का वार्षिक बजट तैयार करना।
• प्राकृतिक संकट मैं साहय्य कार्य की योजना बनाना एवं उन्हें कार्यनिव्त करना ।
•अनिवार्य सांख्यिकी कार्य का अनुरक्षण ।
•भूमि विकास,भूमि सुधार एवं भूमि संरक्षण मैं सरकार और जिला परिषद् को सहायता करना।
• ग्रामीण एवं सामाजिक विकासात्मक कार्यों की देखभाल ।
• शिक्षा ,स्वास्थ्य और सवच्छता को बढ़ावा देना।
• पशुपालन ,दुग्ध उत्पादन, कुक्कूटपालन एवं मत्स्यपालन को बढ़ावा देना।
• जन वितरण प्रणाली पर नियंत्रण तथा अन्य सुधार विषयक कार्यक्रमों का संचालन करना।
• केंद्र /राज्य सरकार द्वारा उसे प्रत्यायोजित किए गए कृत्यों ,कार्यक्रमों,योजनाओं तथा परियोजनाओं के संबंध मैं उनके द्वारा नियत मानदंडों के अनुसार ग्राम पंचायत को पुनः आवंटित करना।
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