मंगलवार, 8 फ़रवरी 2022

मानव पाचन क्रिया में भाग लेने वाले प्रमुख अंग यकृत (liver) है जिसके बारे मैं जान कर हैरान हो जाएंगे।

• यह मानव शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथी है।इसका वजन लगभग 1.5 - 2kg ka होता है।


• यकृत द्वारा ही पित्त सर्वित होता है।यह पित्त आंत में उपस्थित एंजाइमों की क्रिया को तीव्र कर देता है।

• यकृत प्रोटीन के उपापचय में सक्रिय रूप से भाग लेता है , और प्रोटीन विघटन के फलस्वरूप उत्त्पन विषैले अमोनिया को यूरिया में परिवर्तन कर देता है।

• यकृत प्रोटीन की अधिकतम मात्रा को कार्बोहाइड्रेट में परिवर्तन कर देता है।

• कार्बोहाइड्रेट उपापचय के अंतर्गत यकृत रक्त के गुलकोज वाले भाग को ग्लाइकोसिन म परिवर्तित कर देता है और संचित पोषक तत्वों के रूप में यकृत कोशिका में संचित कर लेता है ग्लूकोज की आवश्यकता होने पर यकृत संचित ग्लाइकोजन को खंडित कर ग्लूकोज में परिवर्तित कर देता है यह प्रकार यह रक्त में ग्लूकोज की मात्रा को नियमित बनाए रखता है।

• भोजन में वसा की कमी होने पर यकृत कार्बोहाइड्रेट के कुछ भाग को बसा में परिवर्तित कर देता है।

• फाइब्रिनोजेन नामक प्रोटीन का उत्पादन यकृत से ही होता है जो रक्त का थक्का बनाने में मदद करता है।

• हिपैरिन नामक प्रोटीन का उत्पादन यकृत के द्वारा ही होता है जो शरीर के अंदर रक्त को जमाने से रोकता है।

• यकृत RBC को नष्ट यकृत के द्वारा ही किया जाता है।

• यकृत थोड़ी मात्रा में लोहा (iron) तांबा (copper) और विटामिन को संचित करके रखता है।

• शरीर के ताप को बनाए रखने में मदद करता है।

• भोजन में जहर (poision) देकर मारे गए व्यक्ति की मृत्यु के कारणों की जांच में यकृत एक महत्वपूर्ण सुराग  होता है।

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