क्या आप बेरोजगार है? क्या आप अपना खुद का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं? तो हमारे मुख्यमंत्री ने एक योजना शुरू की है अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति उद्यमी योजना आइए इस योजना के बारे मैं जानते है।👇
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बिहार सरकार ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के युवाओं मैं उधमिता को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति उद्यमी योजना शुरू की है।उद्यमी योजना के तहत छोटे उद्योग लगाने के लिए युवा - युवतियों को राज्य सरकार सहयोग करती है।इसमें पांच लाख(500000) तक का अनुदान और पांच लाख लोन दिए जाते हैं।लोन पर कोई ब्याज नही लगता है।लोन मिलने के छह महीने बाद से 84 किस्तों मैं इसे लौटने का प्रावधान है।इस योजना मैं चयनित युवा - युवतियों को राज्य सरकार अपने खर्च पर उद्योग से संबंधित प्रशिक्षण भी देती है। अभी यह योजना अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए है। इस तरह की योजना शुरू करने वाला बिहार संभवतः पहला राज्य है।
इस योजना के मुख्य बातें -
• परियोजना लागत का 50% यानी ₹5 लाख ब्याज मुफ्त और 50%(अधिकतम ₹5 लाख) विशेष प्रोत्साहन राशि सबिसडी के रूप में दी जाएगी।
•लाभार्थी को प्रशिक्षण के लिए प्रति इकाई ₹25 हजार दिया जाएगा।
•इस योजना के लिए चालू वर्ष 2018-2019के लिए पहले चरण में ₹102 करोड़ 50 लाख की व्यवस्था की गई है।
•लाभार्थियों के चयन की जिम्मेदारी उद्योग विभाग के प्रधान सचिव की अध्यक्षता मैं गठित समिति को दी गई है।
• योजना का लाभ लेने वाले आवेदक को बिहार का निवासी होने के साथ SC एवं ST वर्ग का होना चाहिए ।उनकी शैक्षणिक योजना काम से काम 10+2 या इंटरमीडिएट, आईटीआई , पॉलिटेक्निक,डिप्लोमा या समकक्ष होना जरूरी है,उनकी न्यूनतम आयु 18 वर्ष हो।
•पर्यटन, परिवहन ,ब्यूटी पार्लर,फोटो स्टेट मशीन व टाइपिंग ,मसाला ,पापड़,बीड़ी बनाना , दाल मिल , आटा चक्की, सिल - सिलाई वस्त्र, चमड़े के चप्पल ,जूते ,बैग आदि के कारोबार को प्राथमिक दी जाएगी ।
अगर आपको जानकारी जान कर अच्छा लगा हो तो तो जरूर लाभ उठा सकते हैं। और भाईलोग को शेयर करना ना भूलें ताकि उन्हें भी पता चल सकें।धन्यवाद
Hna
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