सोमवार, 25 अप्रैल 2022

श्री नरेंद्र मोदी (भारत का वर्तमान प्रधानमंत्री)जीवन परिचय चाय बेचने से प्रधानमंत्री बनने का सफर।

श्री नरेंद्र मोदी भारत का वर्तमान प्रधानमंत्री जीवन परिचय (चाय बेचने से प्रधानमंत्री बनने का सफर)

                       आरंभिक जीवन   

नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 में वदनगर मेहसाना डिस्टिक में हुआ नरेंद्र मोदी के पिता का नाम दामोदरदास मूलचंद एवं माता का नाम हीरा बेन है, नरेंद्र मोदी के पिता बहुत साधारण तेली जाति के व्यक्ति थे जिनके 6 संताने थी जिनमें से एक नरेंद्र मोदी था नरेंद्र मोदी अपने पिता के साथ रेलवे स्टेशन पर चाय का स्टाल लगाते थे इनकी पढ़ाई में बहुत रुचि नहीं थी पर इनके शिक्षक के अनुसार भी कुशल वक्ता थे, वाद विवाद में नरेंद्र मोदी को कोई पकड़ नहीं सकता था, मोदी जी ने वडनगर से स्कूल की पढ़ाई पूरी की वे राजनीति विज्ञान में ग्रेजुएशन किया। बचपन से ही मोदी जी को देश के प्रति प्रेम था उन्होंने 8 साल की उम्र में ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) में अपना पंजीकरण करा लिया था, यह एक शक्तिशाली हिंदू राष्ट्रवादी समूह है जो भारत के संविधान की बातों के खिलाफ धर्मनिरपेक्षता नहीं चाहता था, हिंदू राष्ट्र बनाना चाहता है , हिंदुत्व की यह बात बीजेपी की जड़ है नरेंद्र जब विश्वविद्यालय के छात्र थे तभी से वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा में नियमित जाने लगे थे इस प्रकार उनका जीवन संघ के एक निष्ठावान प्रचारक के रूप में प्रारंभ हुआ उन्होंने शुरुआती जीवन से ही राजनीतिक सक्रियता दिखलाई और भारतीय जनता पार्टी का जनाधार मजबूत करने में प्रमुख भूमिका निभाई गुजरात में शंकर सिंह वाघेला का जनाधार मजबूत बनाने में नरेंद्र मोदी की रणनीति थी।



                          बचपन की बातें

पिता दामोदर दास मोदी और और मां हीराबेन के 6 बच्चे में से यह तीसरे नंबर के थे इनके घर खराब स्तिथि मैं था मां दूसरों के घर में जाकर बर्तन साफ करती थी और पिता की एक छोटी सी चाय की दुकान थी एक कच्चे मकान में पूरा परिवार रहता था गरीब के कारण दो वक्त का खाना भी सही से नसीब नहीं होता था संघर्ष भरे माहौल में मोदी जी ने बहुत छोटी उम्र में ही जीवन की कई ऊंचे नीचे पड़ाव देख लिए थे बचपन से ही इनको पढ़ाई लिखाई का बेहद शौक था यह बचपन से ही स्वामी विवेकानंद एवं उनके विचारों को अपना आदर्श मानते थे,13 वर्ष की आयु में नरेंद्र मोदी की सगाई जशोदाबेन चमन लाल के साथ कर दी गई लेकिन कुछ परिवारिक समस्याओं के कारण 1967 में मात्र 17 वर्ष की उम्र में ही यह घर छोड़कर चले गए यह घर छोड़कर ये उत्तरी भारत में स्थित स्वामी विवेकानंद द्वारा स्थापित हिंदू आश्रम कोलकाता के बेलूर मठ ऐसे ही कई आक्षमों भ्रमण करने लगे।


                      

                     राजनैतिक जीवन  

जून 2013 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी की ओर से मोदी को प्रधानमंत्री उम्मीदवार घोषित किया गया जहां कई लोगों ने पहले से ही उन्हें भारत का प्रधानमंत्री मान लिया था क्योंकि कई लोगों का मानना था कि मोदी में भारत की आर्थिक स्थिति बदलने का और भारत का विकास करने की ताकत है और अंत में मई 2014 में उन्होंने और उनकी बीजेपी पार्टी में लोकसभा चुनाव में 534 में से 282 सीट प्राप्त कर ऐतिहासिक जीत दर्ज की और इस जीत के साथ उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को हराया जो पिछले 60 सालों से भारतीय राजनीति को संभाल रही थी और भारतीय जनता ने उस समय दिखा दिया था कि वह उस समय मोदी के रूप में भारत में बदलाव लाना चाहते थे 1987 में नरेंद्र मोदी भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए बीजेपी में हुए दिन-ब-दिन आगे बढ़ते रहें और सामाजिक हितों के कई काम उन्होंने बीजेपी में रहकर  के उन्होंने बिजनेस के प्राइवेटाइजेशन (privatisation) छोटे बिजनेस को बढ़ावा दिया 1995 में मोदी राष्ट्रीय मंत्री के रूप में नियुक्त हुए 1998 के चुनाव में बीजेपी को आगे बढ़ाने में उनका सबसे बड़ा हाथ था फरवरी 2002 में जब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में सेवा कर रहे थे आने जाने वाली ट्रेन पर किसी ने अटैक किया जो कथित रूप से मुस्लिम ने किया था और बदले के प्रतिशोध इरादे से गुलबर्ग के मुस्लिमों पर भी हमला किया गया इस तरह  हिंसा बढ़ती गई इस वजह से मोदी सरकार को उस समय कर्फ्यू की घोषणा करनी पड़ी कुछ समय बाद दोनों ही समुदाय में शांति की स्थिति आई और तब मोदी सरकार की कई लोगों ने पूरे देश में आलोचना की क्योंकि उस हमले में 1000 से भी ज्यादा मुस्लिम मारे गए थे मोदी के विरुद्ध दो जांच कमेटी गठित करने के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने पाया कि मोदी के विरुद्ध कोई गवाह नहीं है जिससे उन्हें दोषी ठहरा सकें।


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