शनिवार, 2 अप्रैल 2022

बौद्धधर्म के कुछ महत्वपूर्ण तथ्य क्या क्या है?

•  बौद्धधर्म के संस्थापक गौतम बुद्ध थे। इन्हें एशिया का ज्योतिपुंज(light of Asia) कहा जाता है।

• गौतम बुद्ध का जन्म 563 ईसवी पूर्व में कपिलवस्तु में लुंबिनी नामक स्थान पर हुआ था।

• इन्हें पिता शुद्धोधन सा के गण के मुखिया थे।

• इनकी माता माया देवी की मृत्यु इनके जन्म के सातवें दिन ही हो गई थी इसका लालन-पालन इनकी सौतेली मां प्रजापति गौतमी ने किया था।

• इनके बचपन का नाम सिद्धार्थ था।

• गौतम बुद्ध का विवाह 16 वर्ष की अवस्था में यशोधरा के साथ हुआ इनके पुत्र का नाम राहुल था।

• सिद्धार्थ जब कपिलवस्तु की सैर पर निकले तो उन्होंने निम्न चार दृश्य को क्रमशः देखा।

(१) बूढ़ा व्यक्ति (२) एक बीमार व्यक्ति (३) शव एवं (४) एक सन्यासी

• सांसारिक समस्याओं से व्यवस्थित होकर सिद्धार्थ ने 29 वर्ष की अवस्था में गृह त्याग किया जिसे बौद्ध धर्म में महाभिनिष्क्रमण कहा गया है।

• गृह त्याग करने के बाद सिद्धार्थ ने वैशाली के आलरकालम से  संख्या दर्शन की शिक्षा ग्रहण की। आलारकलाम सिद्धार्थ के प्रथम गुरु हुए।

• अलारकलाम के बाद सिद्धार्थ ने राजगीर के रूद्रकरामपुत्त से शिक्षा ग्रहण की।

• उरुवेला में सिद्धार्थ को पांच साधक मिले।

• बिना अन्न जल ग्रहण के 6 वर्ष की कठिन तपस्या के बाद 35 वर्ष की आयु में वैशाख की पूर्णिमा की रात निरंजना नदी के किनारे पीपल वृक्ष के नीचे सिद्धार्थ को ज्ञान प्राप्त हुआ।

• ज्ञान प्राप्ति के बाद सिद्धार्थ बुद्ध के नाम से जाने गए व स्थान बोधगया कहलया।

• बुद्ध ने अपना प्रथम उपदेश सारनाथ में दिया जिससे बौद्ध ग्रंथों में धर्म चक्र प्रवर्तन कहा गया है।

• बौद्ध ने अपने उद्देश जनसाधारण की भाषा पाली में दिए।

• बौद्ध ने अपने उपदेश कौशल वैशाली कौशांबी एवं अन्य राज्यों में दिए

• बुद्ध ने अपने सर्वाधिक उपदेश कौशल देश की राजधानी श्रावस्ती में दिए।

• बुध की मृत्यु 80 वर्ष की अवस्था मे कुशीनार द्वारा अर्पित भोजन करने के बाद हो गई जिसे बौद्ध धर्म में महापरिनिर्वाण कहा गया।

• मल्लों ने  अत्यंत सम्मान पूर्वक बौद्ध का संस्कार  किया।

• बुद्ध के जन्म एवं मृत्यु की तिथि को चीनी परंपरा के कैंटोन अभिलेख के आधार पर निश्चित किया गया है।

• बौद्ध धर्म के बारे में हमें निषद ज्ञान पाली त्रिपिटक से प्राप्त होता है।

• बौद्ध धर्म मुल्तानी स्वर वादी है इसमें आत्मा की परिकल्पना भी नहीं है।

• बौद्ध धर्म में पुनर्जन्म की मान्यता है।

• विष्णु दुखों से भरा है का सिद्धार्थ बुद्ध ने उपनिषद से लिया।

• बुद्ध के अनुयाई दो भागों में विभाजित थे - 

1. भिक्षुक - बौद्ध धर्म के प्रचार के लिए जिन्होंने सन्यास ग्रहण किया उन्हें भेजो कहा गया।

2. उपासक - गृहस्थ जीवन व्यतीत करते हुए बौद्ध धर्म अपनाने वालों को उपासक आ गया।

• बौद्ध संघ में प्रविष्टि होने  को उपसंपदा कहा जाता था।

• बौद्ध संघ में सम्मिलित होने के लिए न्यूनतम आयु सीमा 15 वर्ष थी।

• बौद्ध धर्म के त्रिरत्न है - बौद्ध, धर्म एवं संघ।

• ठीक अनु श्रुति के अनुसार मृत्यु के बाद बुद्ध के शरीर के अवशेषों को 8 भागों में बांट कर उन पर 8 स्तूपों का निर्माण कराया गया।





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