रविवार, 13 मार्च 2022

बिहार का प्राचीन इतिहास क्या है?

• पूर्व ऐतिहासिक काल में बिहार के विभिन्न भागों में आदिमानव रहते थे। आदिमानव से जुड़े विभिन्न प्रकार के पुरातात्विक साक्षी एवं सामग्रियां विभिन्न जगहों से प्राप्त हुई है। ऐसे ऐतिहासिक स्थल जहां से आदिमानव से जुड़ी चीजें मिली है वे हैं : मुंगेर,चिरांद(सरण) ,चेचर( वैशाली) ,नालंदा,सोनपुर, मनेर (पटना) आदि।

• पूर्व प प्रस्तर युग (100000 ई पूर्व से पहले ) के औजार मिले हैं। इसमें पत्थर की कुल्हाड़ी की फल, चाकू और खुरप के रूप में प्रयोग किए जाने वाले पत्थर के टुकड़े हैं। यह अवशेष मुंगेर और नालंदा जिले से प्राप्त हुए हैं।

• मध्य प्रस्तर युग (100000 ई पूर्व से 40000 ई पूर्व) के अवशेषों में छोटे आकार के पत्थर के बने सामान है जो तेज धारा एवं नोक वाले हैं। इनके अवशेष मुंगेर से मिले हैं।

• नव प्रस्तर युग (4000 से 2500 ई पूर्व) के अवशेष बिहार में चिरांद और चेचर जिलों से प्राप्त हुए हैं। इनमें नौ केवल पत्थर के सूक्ष्म औजर प्राप्त हुए हैं बल्कि हड्डियों के सामान भी मिले हैं।

• उत्तर वैदिक काल में (1000 ई पूर्व से 600 ई पूर्व ) मैं आर्यों का विस्तार बिहार में प्रारंभ हुआ। इस विस्तार में लौह - प्रौद्योगिकी की देन निर्णायक रही । 800 ई पूर्व रचित शतपथ ब्राह्मण में गांगेय घाटी के क्षेत्र में आर्यों द्वारा जंगलों का जलाकर और काटकर साफ करने का उल्लेख मिलता है। शतपथ ब्राह्मण में विदेह माधव द्वारा अपने पुरोहित गौतम राहु गन की अग्नि का पीछा करते हुए वर्तमान गंडक नदी 

( सदानीरा) तक पहुंचने की बात कही गई है।

• प्राचीन भारत के सोलह(16) महाजनपदों में प्रमुख थे - मगध और अंग। मगध के अंतर्गत वर्तमान बिहार के पटना तथा गया जिलों के क्षेत्र शामिल थे, जबकि अंग भागलपुर के आसपास के क्षेत्र को कहते थे।

• भांग के तीन अंतिम राजाओं में प्रथम दाधिवाहन थे, जिनकी की पुत्री चांदना महावीर के धर्म को स्वीकार करने वाली प्रथम महिला थी।

• वज्जी 8 गन राज्यों का संघ था। इसमें वैशाली के लिचिछ्वी भी मिथिला के विजेता कुंडाग्राम के ज्ञात के विशेष रूप से विख्यात थे। गणराज्य के प्रमुख सिद्धार्थ के यहां महावीर का जन्म 540 ईसवी पूर्व में कुंडल ग्राम में हुआ था। महावीर की माता त्रिशला लिच्छवी गणराज्य के प्रमुख घटक की बहन थी। महावीर स्वामी ने 468 ईसवी पूर्व में पावापुरी नामक स्थान पर निर्माण प्राप्त किया।

• वैशाली बौद्ध काल में सबसे शक्तिशाली राजीव था। इसकी स्थापना सूर्यवंशी इक्ष्वाकु के पुत्र विशाल ने की थी। महाभाग्य जातक में वैशाली को एक धनी समृद्ध साली तथा घनी आबादी वाला नगर कहा गया। जैन साहित्य से पता चलता है कि मगध के शासक अजातशत्रु के विरुद्ध चेतक ने मलका सी तथा कौशल के साथ मिलकर एक सम्मिलित मोर्चा बनाया था।

• यजुर्वेद में विदेश राज्य का उल्लेख मिलता है। यहां के राजवंश की शुरुआत इक्ष्वाकु के पुत्र ने भी विदेह से मानी जाती है जो सूर्यवंशी थे। दूसरे राजा मीठी जनक विदेह मिथिला क्या स्थापना की थी। इसके बाद से यहां के सभी राजाओं के नाम में जनक सब जुड़ने लगा। इस वंश के प्रसिद्धि शासक जनक विधि के शासन कल में विद्वानों की एक प्रतियोगिता हुई थी जिनमें याज्ञवल्क्य विजय हुए। इनकी जानकारी बृहदारण्यक उपनिषद में मिलती है।

•  अलकप्प के बुली गणराज आधुनिक बिहार राज्य के शहानाबाद ,आरा और मुजफ्फरपुर जिलों के बीच स्थित था। बुली लोग बौद्ध धर्म के अनुयाई थे। महाप्रिनिवर्ण सूत्र के अनुसार मोदी की मृत्यु के पश्चात उन्होंने उनके अवशेषों का एक भाग प्राप्त किया तथा उस पर स्तूप का निर्माण करवाया था।

शनिवार, 12 मार्च 2022

लोक शिकायत निवारण कानून क्या है ?लोक शिकायत निवारण कानून कैसे सूचना दे सकते हैं, लोक अदालत में शिकायत कैसे करें, बिहार लोक शिकायत निवारण कानून क्या है?

• आम जनता की समस्याएं एवं शिकायतों का समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। शिकायतों की सुनवाई एवं निवारण का अवसर प्रदान करने की ठोस पारदर्शी एवं जवाबदेह व्यवस्था कायम करने के उद्देश्य से गुड - गवर्नेंस की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए सरकार द्वारा संपूर्ण क्रांति दिवस एवं विश्व पर्यावरण दिवस दिनांक 5 जून 2016 को पूरे राज्य में बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम 2015 में लागू किया गया है।

• अब जनता को उनकी शिकायतों की सुनवाई एवं उसके निवारण के अब सर का कानूनी अधिकार प्राप्त हो गया है। इतना ही नहीं किसी शिकायत पर की गई कार्रवाई अथवा पारित निर्णय की सूचना भी प्राप्त करने का उन्हें वैधानिक अधिकार अधिनियम द्वारा प्राप्त हुआ है। यह अपने आप में अभिनव प्रयोग है। बिहार देश का ऐसा पहला राज्य है जहां आम लोगों को उनके परिवार पर सुनवाई के साथ-साथ उनके निवारण का भी लागू कानूनी अधिकार प्रदान किया गया है।

• आम जनता को राज्य सरकार द्वारा राज्य में चलाई जा रही किसी योजना कार्यक्रम या सेवा में संबंध में कोई लाभ या अनुतोष मांगने हेतु परिवाद दायर करने का अधिकार प्राप्त हो गया है। इतना ही नहीं ऐसी किसी योजना कार्यक्रम या सेवा का फायदा पहुंचाने में विफल रहने पर अथवा विलंब होने पर भी परिवाद दायर किया जा सकता है। किसी लोक सेवक द्वारा राज्य में प्रभावी किसी विधि लिपि सेवा कार्यक्रम या योजना के उल्लंघन से उत्पन्न किसी मामले में भी आम जनता को शिकायत करने का अधिकार इस अधिनियम के द्वारा प्रदान किया गया है। सरकार द्वारा निशुल्क परिवाद दायर करने की व्यवस्था की गई है।

• राज्य सरकार द्वारा इस अधिनियम को कार्य न विनती करने के लिए स्वतंत्र प्रशासनिक ढांचा विकसित करते हुए राज्य के सभी 101 अनुमंडलो, सभी आरती जिला मुख्यालय के साथ सभी 40 विभागों के लिए लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के पद सृजित किए गए हैं और इन पर बिहार प्रशासनिक सेवा के अनुभवी अधिकारियों की तैनाती भी कर दी गई है। इन कार्यालयों में सहयोगी कर्मियों के रूप में बारिश होती 30 पद सृजित करते हुए इन पर नियोजन भी किया गया है।

• परिवाद के निवारण की दृष्टि पथ में रखकर इस अधिनियम के तहत अपील दायर करने का प्रावधान किया गया है तथा यदि कोई लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी अथवा कोई अन्य लोग प्राधिकार किया प्रथम अपीलीय प्राधिकार बिना किसी पर्याप्त और युक्ति युक्त कारण के नियम समय सीमा के भीतर सुनवाई एवं निवारण का अवसर प्रदान करने में विफल रहता है तो उस पर दंड आरोपित करने का प्रावधान इस अधिनियम मैं क्या गया है, जिसकी वसूली उस पदाधिकारी के वेतन से की जाएगी। इस अधिनियम की सफलता इसी बात से साबित होती है कि इतने कम दिनों के अंदर लगभग 82122 आवेदन पत्र इस व्यवस्था के तहत प्राप्त हुए हैं, जिसमें लगभग 60908 मामलों का समय सीमा के भीतर निष्पादन किया जा चुका है। शेष वादों में सुनवाई जारी है। परिवार प्राप्त करने के लिए सभी विभाग, जिला एवं अनुमंडल में लोक शिकायत प्राप्ति केंद्र बनाए गए हैं।

• शिकायतों की प्राप्ति के लिए सूचना भवन में राज्य लोक शिकायत प्राप्ति केंद्र का भी निर्माण किया गया है। इसके अतिरिक्त कोई भी व्यक्ति डाक द्वारा ऑनलाइन वेब पोर्टल http/lokshikayat.Bihar.gov. In अथवा ईमेल infolokshikayat - bih @gov. in से भी परिवाद दर्ज करा सकता है। परिवाद दर्ज कराने तथा दर्ज कराने के परिवाद पर करवाई की स्थिति जानने के लिए टोल फ्री नंबर वाला कॉल सेंटर (नंबर 18003456284) भी स्थापित किया गया है।


सोमवार, 7 मार्च 2022

मुजफ्फरपुर जिला की मुख्य बातें क्या क्या है?

  • मुजफ्फरपुर का मुख्यालय कहां है - मुजफ्फरपुर

• गठन कब हुआ था - 1875

• क्षेत्रफल कितना है - 3172 वर्ग किलोमीटर

• जनसंख्या कितना है - 4801062

• जनसंख्या घनत्व कितना है - 1514

• कुल साक्षरता कितना है - 63.43%

• पुरुष साक्षरता कितना है - 71.28%

• महिला साक्षरता कितना है - 54.67%

• लिंगनुपात कितना है - 900

• अनुमंडल कितना है और कौन कौन सी है- 2(मुजफ्फर पूर्वी, मुजफ्फर पश्चिमी)

• प्रखंड कितना है और कौन कौन सी है - 16(साहेबगंज,बरूराज, पारू,सरैया,मड़वन, कांटी,मीनापुर, बोचहां,औराई, कटरा,गयघाट, बंदरा,ढोली,मुसहरी, कुढहनी,सकरा)

• ग्राम पंचायत कितना है - 387

• ग्राम कितना है - 1811

• लोकसभा क्षेत्र कितना और कौन कौन सी है - 1(मुजफ्फर)

• विधानसभा क्षेत्र कितना है और कौन कौन सी है - 10(मुजफ्फरपुर,साहेबगंज,औराई,कांटी, बोचहां,बरूराज,मीनापुर,गायघाट,पारू,सकरा)

• प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी - नथुनी महतो, भरत ठाकुर, महेंद्र सिंह, रामचंद्र शर्मा, राम परीक्षण शर्मा, सहदेव शर्मा, डॉ सूर्यदेव सिंह, दीप नारायण सिंह, जगन्नाथ साहू, लक्ष्मी गुप्ता, बावन सिंह दास,वीर प्रसाद साहू,मंजूर अहसन एजाजी,महादेव शाहू

• प्रमुख मेला कौन सी है - मकर सक्रांति का मेला,हरदी मेला

• प्रमुख नदी कौन सी है - बागमती, बूढ़ी गंडक 

 •मिट्टी कौन सी है - जलोढ मिट्टी,ताल मिट्टी,

• उद्योग कौन सी है - चीनी उद्योग,थर्मल पावर,वैगन फैक्टरी, सूती वस्त्र उद्योग आदि।

• पर्यटक स्थल कौन कौन सी है - शहीद खुदीराम स्मारक 

• एसटीडी (STD) कोड - 0621 

• प्रमुख व्यक्तित्व - रामवृक्ष बेनीपुरी


















रविवार, 6 मार्च 2022

बिहार में बेरोजगारी के कारण एवं निदान कैसे हुआ ।

• बेरोजगारी एक आर्थिक समस्या है। अर्थव्यवस्था में जब प्रचलित मजदूरी पर व्यक्ति काम करता है उसे काम नहीं मिलता है तब उसे बेरोजगार कहा जाता है।

• देश की कुल बेरोजगार व्यक्तियों का 6.65% बिहार राज्य में निवास करता है। बिहार में कुल श्रमशक्ति का 2.3% बेरोजगार है, जबकि भारतवर्ष के कुल श्रमशक्ति का 2.8% प्रतिशत बेरोजगार है।

• भारतवर्ष की कुल  रोजगार व्यक्तियों का 11.13% बिहार• राज्य में निवास करता है। योजना आयोग के अनुसार भारत के कुल बेरोजगार का 7 से 8 % बिहार राज्य में निवास करता है।

• प्रथम पंचवर्षीय योजना में ग्रामीण रोजगार भर्ती हेतु समुदायिक विकास योजना को लागू क्या गया ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन किया जा सके।

• बिहार सरकार ने दुतीय योजना 1965 से 61 में केंद्र सरकार के साथ वृहत उद्योगों तथा भारी उद्योगों को सार्वजनिक क्षेत्रों में स्थापित किया जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित किए गए।

• तृतीय पंचवर्षीय योजना में बृहत उद्योगों का विस्तार चलता रहा तथा सामुदायिक विकास कार्यक्रम को और सुदृत किया गया ताकि गावों में रोजगार सृजित किए जाए।

• बिहार सरकार ने रोजगार सृजन हेतु चतुर्थ पंचवर्षीय योजना में निम्नांकित कार्यक्रम चलाए।

• रोजगार कार्यक्रम के लिए पंचवर्षीय योजना काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि कई नए विस्तृत रोजगार कार्यक्रम लागू किए गए 

• आठवीं पंचवर्षीय योजना में पुराने रोजगार कार्यक्रमों में परिवर्तन किया गया तथा नई रोजगार  कार्यक्रम भी लागू किए गए

• नवमी पंचवर्षीय योजना में बिहार सरकार ने स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना लागू किया।

• 11वीं  पंचवर्षीय योजना में प्रधानमंत्री रोजगार योजना और ग्रामीण रोजगार सृजन कार्यक्रम को लेकर प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की शुरुआत की गई।

• 12वीं पंचवर्षीय योजना में युवाओं को स्वरोजगार के लिए कम ब्याज पर लोन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री मुद्रा योजना वर्ष 2015 में शुरुआत की गई।



शनिवार, 5 मार्च 2022

भारत की ऐतिहासिक लड़ाइयां कौन कौन सी है और किसके द्वारा और कब हुआ था?

 1. तराइन का प्रथम युद्ध  - पृथ्वीराज ने मोहम्मद गौरी को हराया 1191 ई • में।

2. तराइन का द्वितीय युद्ध - मोहम्मद गोरी ने पृथ्वीराज को हराया 1192 ई• में।

3. चंदवार का युद्ध - मुहम्मद गोरी ने जयचंद को हराया 1194 ई• में।

4. पानीपत की पहली लड़ाई - बाबर ने इब्राहिम लोदी को हराया 1526 ई में।

5. खानवा का युद्ध - बाबर ने राणा सांग को हराया 1527 ई में।

6.चंदेरी का युद्ध - बाबर ने मेदनी राय को हराया 1528 ई में।

7.घाघरा का युद्ध - बाबर ने अपह्गणों को हराया 1529 ई में।

8. चौसा का युद्ध - शेरशाह ने हुमायूं को हराया 1539 ई में।

9. कन्नौज का युद्ध - शेरशाह ने हुमायूँ को हराया 1540 ई में।

10. पानीपत की दूसरी लड़ाई - अकबर ने हेमू को हराया 1556 ई में।

11. तालिकोट का युद्ध - विजयनगर साम्राज्य का पतन 1565 ई में।

12.हल्दीघाटी का युद्ध - अकबर ने महाराणा प्रताप को  हराया 1576 ई में।

13. पलासी का युद्ध - अंग्रेजो ने सिराजुदौला को हराया 1757 ई में।

14. वाडीवास का युद्ध - फ्रांसीसी की पराजय 1760 ई में।

15.पानीपत की तीसरी लड़ाई - अहमद शाह अब्दाली ने मराठों को हराया 1761 ई में।

16. बक्सर का युद्ध - अंग्रेजों ने मीरकासिम को हराया 1765 ई में।

17.रुहेला का युद्ध - 1774 ई में।

18. खुर्दा का युद्ध - निजाम की पराजय 1795 ई में।

19.प्रथम स्वतंत्रता संग्राम - 1857 ई में।

21.प्रथम भारत चीन युद्ध - 1962 ई

22.प्रथम भारत पाकिस्तान युद्ध - 1965 ई में।

23. दूतीय भारत और पाकिस्तान युद्ध - 1971 ई में।

नोट : प्रथम विश्व युद्ध 1914 - 18 में एवं द्वितीय विश्व युद्ध युद्ध 1939 - 45 ई में हुआ।


शुक्रवार, 4 मार्च 2022

आइए आज हमलोग सौरमंडल के बारे में जानते है,सौरमंडल की प्रमुख बातें।

• सबसे बड़ा एवं सर्वाधिक भारी ग्रह - वृहस्पति

• सबसे छोटी एवं सूर्य से सबसे निकट स्थित ग्रह - बुध
• पृथ्वी के सबसे निकट का ग्रह - शुक्र
• पृथ्वी और सूर्य से सबसे दूर स्थित ग्रह - वरुण
• सौरमंडल का सर्वाधिक चमकीला एवं गर्म ग्रह - शुक्र
• सर्वाधिक ठंडा ग्रह - वरुण
• सबसे अधिक उपग्रह वाला ग्रह - वृहस्पति
• बिना उपग्रहों वाला ग्रह - बुध एवं शुक्र
• लाल ग्रह को नीला ग्रह - मंगल तथा पृथ्वी
• पीला ग्रह तथा हरा ग्रह - बृहस्पति तथा अरुण
• भोर तथा सांझ का तारा, पृथ्वी की बहन, जुड़वा ग्रह कहलता है। - शुक्र
• चंद्रमा पर दिन तथा रात का तापमान - 100°c तथा 180°c
• सूर्य का व्यास - 1392000 किमी•
• सौरमंडल का सबसे बड़ा उपग्रह - गेनीमेड ( बृहस्पति का उपग्रह)
• सौरमंडल का सबसे छोटा उपग्रह - डिमोस (मंगल के उपग्रह)
• सनी का सबसे बड़ा उपग्रह - टाइटन
• वलय युक्त ग्रह - शनि
• सबसे कम समय में सूर्य के चक्कर लगाने वाला ग्रह - बुध (88 दिन)
• सबसे अधिक समय में सूर्य के चक्कर लगाने वाला ग्रह - वरुण
• पृथ्वी के विपरीत दिशा में चक्कर लगाने वाला ग्रह - शुक्र तथा अरुण
• सर्वाधिक चमकीला तारा - साइरस ( डॉग स्टार)
• सौर दिवस की अवधि - 24 घंटा
• सूर्य के केंद्र तथा सतह  का तापमान - 15M°C और6000°C
• सूर्य प्रकाश को पृथ्वी पर पहुंचने में लगा समय - 8 मिनट 20 सेकेंड
• चंद्रमा का प्रकाश को पृथ्वी पर पहुंचने में लगा समय - 1.3 सेकेंड
• सूर्य का प्रमुख संधाटक - हाइड्रोजन 74% और हीलियम 25%
• सूर्य की ऊर्जा का स्रोत - नाभिकीय संलयन
• पृथ्वी का भूमध्यरेखीय व्यास - 12756 किमी
• पृथ्वी का ध्रुव व्यास -12714किमी
• पृथ्वी का विषुवतीय व्यास ध्रुवी व्यास से ज्यादा है - 42किमी
• पृथ्वी का अपनी धुरी पर झुकाव - 23-1/2
• पृथ्वी का अक्ष पर घूर्णन - पश्चिम से पूरब
• सबसे बड़ा तारामंडल - सेंटारस
• आकाशगंगा की आकृति है - स्पाइरल
• सूर्य पृथ्वी से बड़ा है - 109 गुणा
• शुभी का सबसे चमकीला सतह - प्रकाश मंडल
• सूर्य का वह्यतम परत कहलाता है - किरीट (कोरोना)
• तारे का रंग सूचक है - उसके ताप का 
• सूर्य ग्रहण होता है जब - चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आती है
• क्षूद्र ग्रह स्थित है - मंगल एवं बृहस्पति के बीच
• ब्रह्मांड मैं विस्फोट तारा कहलाता है - अभिनव तारा
• अंतरिक्ष में तारामंडलों की संख्या है - 89
• चंद्र ग्रहण होता है जब - पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आती है
• किस ग्रह पर सूर्य पश्चिम में होता है - अरुण एवं शुक्र
• पृथ्वी तथा सूर्य के निकटतम तारा - सूर्य तथा प्रोकिस्मा
  सैंटोरी
• शनि सूर्य के चारों एक चक्कर लगाता है - 29.5वर्ष
• चंद्रमा द्वारा पृथ्वी की परिक्रमा में लगा समय - 27.3 दिन

गुरुवार, 3 मार्च 2022

शाहजहां (1627- 1657 ई•) जीवन का परिचय क्या है?

• जहांगीर के बाद सिंहासन पर शाहजहां बैठा।

• जोधपुर के शासक मोटा राजा उदयसिंह के पुत्र जगत गोसाई के गर्भ से 5 जनवरी 1993 ईस्वी  को शाहजहां का जन्म लाहौर में हुआ था।

• 1612 ई• में खुर्रम (शाहजहां) का विवाह आसिफ खान की पुत्री अर्जुन बंद बानो बेगम से हुआ जिसे शाहजहां ने मालिका -ए - जमानी की उपाधि प्रदान की। 1931 ईस्वी में प्रसव पीड़ा के कारण उसकी मृत्यु हो गई।

• 24 फरवरी 1628 ईस्वी को शाहजहां आगरे में अबुल मुजफ्फर शहाबुद्दीन मुहम्मद साहिब किरण ए सानी की उपाधि प्राप्त कर सिंहासन पर बैठा।

• शाहजहां ने आसिफ खां को वजीर पद प्रदान किया।

• इसने महावत ख़ां को खान खाना की उपाधि प्रदान की।

• शाहजहां ने नूरजहां को ₹200000 प्रति वर्ष की पेंशन देकर लाहौर जाने दिया, जहां 1645 ईसवी में उसकी मृत्यु हो गई।

• शाहजहां ने अपनी बेगम मुमताज महल की याद में शाहजहां ने ताजमहल का निर्माण आगरा में उसकी कब्र के ऊपर करवाया।

• ताजमहल का निर्माण करने वाला मुख्य स्थापत्य कलाकार उस्ताद अहमद लाहौरी था।

• मयूर सिंहासन का निर्माण शाहजहा ने करवाया था इसका मुख्य कलाकार बे बादल खां था।

• शाहजहां के शासनकाल को स्थापित कला का स्वर्ण युग कहा जाता है। शाहजहां द्वारा बनवाई गई प्रमुख इमारतें हैं - दिल्ली का लाल किला ,दीवाने आम,दीवाने खास,दिल्ली जामा मस्जिद,आगरा मोती मस्जिद,ताजमहल आदि।

• शाहजहां ने 1638 ईस्वी में अपनी राजधानी की आगरा से दिल्ली लाने के लिए यमुना नदी के दाहनी तट पर शाहजहानाबाद की नींव डाली।

• आगरा की जामा मस्जिद का निर्माण शाहजहां की पुत्री जहांआरा नहीं करवाई।

• शाहजहां के दरबार के प्रमुख चित्रकार मोहम्मद फकीर एवं मीर हासिम थे।

• शाहजहां ने संगीत दे लाल खान को गुण समंदर की उपाधि दी थी।

• शाहजहां के पुत्रों में दराशिकोह को सर्वाधिक विद्वान था।इसने सर्र ए अकबर ( महान रहस्य) नाम से उपनिषदों का अनुवाद करवाया था ।

• शाहजहां ने दिल्ली में एक कॉलेज का निर्माण एवं दरुर्ल बांका नामक कॉलेज की मरम्मत करवाई।

• शाहजहां के पुत्रों के बीच उत्तराधिकार का युद्ध 1657 ईस्वी में शुरू हुआ।

• 18 जनवरी 1658 ईस्वी को औरंगा जेब ने शाहजहां को बंदी बना लिया।

• 25 अप्रैल 1658 इसी में धारा एवं औरंगजेब के बीच धर्मत का युद्ध हुआ इस युद्ध में धारा की पराजय हुई।

• शामगढ़ का युद्ध अर्जुन 1658 ईस्वी कौन धारा एवं औरंगजेब के बीच हुआ इस युद्ध में भी दारा की हार हुई।

• उत्तराधिकार का अंतिम युद्ध देवराई की घाटी में 12 से 14 अप्रैल 1659 ई• को हुआ । इस युद्ध में धारा के पराजित होने पर उसे इस्लाम धर्म की अवहेलना करने के अपराध में 30 अगस्त 1659 ईसवी को हत्या कर दी गई।

• शाह बुलंद इकबाल (king of lofty fortune ) के रूप में दारा शिकोह जाना जाता है। 

• आगरा के किले में अपने कैदी जीवन के 8 वर्ष अर्थात 31 जनवरी 1666 ई• को 74 वर्ष की अवस्था में शाहजहां की मृत्यु हो गई।