• जहांगीर के बाद सिंहासन पर शाहजहां बैठा।
• जोधपुर के शासक मोटा राजा उदयसिंह के पुत्र जगत गोसाई के गर्भ से 5 जनवरी 1993 ईस्वी को शाहजहां का जन्म लाहौर में हुआ था।
• 1612 ई• में खुर्रम (शाहजहां) का विवाह आसिफ खान की पुत्री अर्जुन बंद बानो बेगम से हुआ जिसे शाहजहां ने मालिका -ए - जमानी की उपाधि प्रदान की। 1931 ईस्वी में प्रसव पीड़ा के कारण उसकी मृत्यु हो गई।
• 24 फरवरी 1628 ईस्वी को शाहजहां आगरे में अबुल मुजफ्फर शहाबुद्दीन मुहम्मद साहिब किरण ए सानी की उपाधि प्राप्त कर सिंहासन पर बैठा।
• शाहजहां ने आसिफ खां को वजीर पद प्रदान किया।
• इसने महावत ख़ां को खान खाना की उपाधि प्रदान की।
• शाहजहां ने नूरजहां को ₹200000 प्रति वर्ष की पेंशन देकर लाहौर जाने दिया, जहां 1645 ईसवी में उसकी मृत्यु हो गई।
• शाहजहां ने अपनी बेगम मुमताज महल की याद में शाहजहां ने ताजमहल का निर्माण आगरा में उसकी कब्र के ऊपर करवाया।
• ताजमहल का निर्माण करने वाला मुख्य स्थापत्य कलाकार उस्ताद अहमद लाहौरी था।
• मयूर सिंहासन का निर्माण शाहजहा ने करवाया था इसका मुख्य कलाकार बे बादल खां था।
• शाहजहां के शासनकाल को स्थापित कला का स्वर्ण युग कहा जाता है। शाहजहां द्वारा बनवाई गई प्रमुख इमारतें हैं - दिल्ली का लाल किला ,दीवाने आम,दीवाने खास,दिल्ली जामा मस्जिद,आगरा मोती मस्जिद,ताजमहल आदि।
• शाहजहां ने 1638 ईस्वी में अपनी राजधानी की आगरा से दिल्ली लाने के लिए यमुना नदी के दाहनी तट पर शाहजहानाबाद की नींव डाली।
• आगरा की जामा मस्जिद का निर्माण शाहजहां की पुत्री जहांआरा नहीं करवाई।
• शाहजहां के दरबार के प्रमुख चित्रकार मोहम्मद फकीर एवं मीर हासिम थे।
• शाहजहां ने संगीत दे लाल खान को गुण समंदर की उपाधि दी थी।
• शाहजहां के पुत्रों में दराशिकोह को सर्वाधिक विद्वान था।इसने सर्र ए अकबर ( महान रहस्य) नाम से उपनिषदों का अनुवाद करवाया था ।
• शाहजहां ने दिल्ली में एक कॉलेज का निर्माण एवं दरुर्ल बांका नामक कॉलेज की मरम्मत करवाई।
• शाहजहां के पुत्रों के बीच उत्तराधिकार का युद्ध 1657 ईस्वी में शुरू हुआ।
• 18 जनवरी 1658 ईस्वी को औरंगा जेब ने शाहजहां को बंदी बना लिया।
• 25 अप्रैल 1658 इसी में धारा एवं औरंगजेब के बीच धर्मत का युद्ध हुआ इस युद्ध में धारा की पराजय हुई।
• शामगढ़ का युद्ध अर्जुन 1658 ईस्वी कौन धारा एवं औरंगजेब के बीच हुआ इस युद्ध में भी दारा की हार हुई।
• उत्तराधिकार का अंतिम युद्ध देवराई की घाटी में 12 से 14 अप्रैल 1659 ई• को हुआ । इस युद्ध में धारा के पराजित होने पर उसे इस्लाम धर्म की अवहेलना करने के अपराध में 30 अगस्त 1659 ईसवी को हत्या कर दी गई।
• शाह बुलंद इकबाल (king of lofty fortune ) के रूप में दारा शिकोह जाना जाता है।
• आगरा के किले में अपने कैदी जीवन के 8 वर्ष अर्थात 31 जनवरी 1666 ई• को 74 वर्ष की अवस्था में शाहजहां की मृत्यु हो गई।
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