रविवार, 6 मार्च 2022

बिहार में बेरोजगारी के कारण एवं निदान कैसे हुआ ।

• बेरोजगारी एक आर्थिक समस्या है। अर्थव्यवस्था में जब प्रचलित मजदूरी पर व्यक्ति काम करता है उसे काम नहीं मिलता है तब उसे बेरोजगार कहा जाता है।

• देश की कुल बेरोजगार व्यक्तियों का 6.65% बिहार राज्य में निवास करता है। बिहार में कुल श्रमशक्ति का 2.3% बेरोजगार है, जबकि भारतवर्ष के कुल श्रमशक्ति का 2.8% प्रतिशत बेरोजगार है।

• भारतवर्ष की कुल  रोजगार व्यक्तियों का 11.13% बिहार• राज्य में निवास करता है। योजना आयोग के अनुसार भारत के कुल बेरोजगार का 7 से 8 % बिहार राज्य में निवास करता है।

• प्रथम पंचवर्षीय योजना में ग्रामीण रोजगार भर्ती हेतु समुदायिक विकास योजना को लागू क्या गया ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन किया जा सके।

• बिहार सरकार ने दुतीय योजना 1965 से 61 में केंद्र सरकार के साथ वृहत उद्योगों तथा भारी उद्योगों को सार्वजनिक क्षेत्रों में स्थापित किया जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित किए गए।

• तृतीय पंचवर्षीय योजना में बृहत उद्योगों का विस्तार चलता रहा तथा सामुदायिक विकास कार्यक्रम को और सुदृत किया गया ताकि गावों में रोजगार सृजित किए जाए।

• बिहार सरकार ने रोजगार सृजन हेतु चतुर्थ पंचवर्षीय योजना में निम्नांकित कार्यक्रम चलाए।

• रोजगार कार्यक्रम के लिए पंचवर्षीय योजना काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि कई नए विस्तृत रोजगार कार्यक्रम लागू किए गए 

• आठवीं पंचवर्षीय योजना में पुराने रोजगार कार्यक्रमों में परिवर्तन किया गया तथा नई रोजगार  कार्यक्रम भी लागू किए गए

• नवमी पंचवर्षीय योजना में बिहार सरकार ने स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना लागू किया।

• 11वीं  पंचवर्षीय योजना में प्रधानमंत्री रोजगार योजना और ग्रामीण रोजगार सृजन कार्यक्रम को लेकर प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की शुरुआत की गई।

• 12वीं पंचवर्षीय योजना में युवाओं को स्वरोजगार के लिए कम ब्याज पर लोन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री मुद्रा योजना वर्ष 2015 में शुरुआत की गई।



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