शुक्रवार, 8 अप्रैल 2022

मधेपुरा जिला में आपका स्वागत है, मधेपुरा जिला का मुख्य बातें क्या क्या है?

 • मधेपुरा का मुख्यालय कहां है - मधेपुरा

• गठन कब हुआ था - 9 मई 1981

• क्षेत्रफल कितना है - 1787 वर्ग किलोमीटर

• जनसंख्या कितना है - 2001 762

• जनसंख्या घनत्व कितना है - 1120

• कुल साक्षरता कितना है - 52.25%

• पुरुष साक्षरता कितना है - 61.77% 

• महिला साक्षरता कितना है - 41.74%

• लिंगनुपात कितना है - 911

• अनुमंडल कितना है और कौन कौन सी है -2(मधेपुरा, सिंघेश्वर)

• प्रखंड कितना है और कौन कौन सी है - 13(मधेपुरा, सिंघेश्वर, कुमारखंड, मुरलीगंज, उदाकिशनगंज, बिहारीगंज, चौसा, आलमनगर, गम्हरिया, धैलाढ़, शंकरपुर, ग्वालपाड़ा, पुरैनी)

• ग्राम पंचायत कितना है - 170

• ग्राम कितना है - 449

• लोकसभा क्षेत्र कितना और कौन कौन सी है - 1(मधेपुरा) 

• विधानसभा क्षेत्र कितना है और कौन कौन सी है - 5(मधेपुरा, उदाकिशनगंज, बिहारीगंज, आलमनगर, सिंघेश्वर)

• प्रमुख मेला कौन सी है - सिंघेश्वर स्थान का मेला 

• प्रमुख नदी कौन सी है - कोसी

• प्रमुख व्यक्ति - बी•पी• मंडल(पूर्व मुख्यमंत्री)

 •मिट्टी कौन सी है - जालोढ मिट्टी

• उद्योग कौन सी है - जूट उद्योग

गुरुवार, 7 अप्रैल 2022

अंतरिक्ष विज्ञान की संपूर्ण बातें क्या क्या है ?

• अंतरिक्ष विभाग की स्थापना - 1972

• अंतरिक्ष में जाने वाला प्रथम व्यक्ति कौन था - यूरी गागरिन (सोवियत संघ, 1961)

• अंतरिक्ष में जाने वाली प्रथम महिला कौन थी - वेलेंटिना तेरेशकोवा (सोवियत संघ, 1963)

• पीएसएलवी (PSLV) का पूर्ण रूप - polar Satellite launch vehicle

 • विदेशी भूमि से छोड़ा गया भारत का पहला वैज्ञानिक उपग्रह - आर्यभट्ट (19 अप्रैल 1975)

• भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र की स्थापना - 1969

• थुंबा में प्रथम रॉकेट प्रक्षेपण केंद्र की स्थापना - 1963

• भारत का पहला भूमिगत परमाणु विस्फोट - 18 मई 1974 पोखरण (राजस्थान)

• स्वदेश निर्मित एवं स्वदेश भूमि से परीक्षित प्रथम उपग्रह - रोहिणी (17अप्रैल 1983)

• भारत के राकेश शर्मा द्वारा रूसी अंतरिक्ष यात्री के साथ अंतरिक्ष में प्रवेश कब किया था - 1984

• विक्रमसारा  भाई अंतरिक्ष केंद्र -  त्रिवेंद्रम 

• भारत का उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र - श्रीहरिकोटा आंध्र प्रदेश में 

• भारत का प्रथम कृत्रिम उपग्रह - रोहिणी ir-1 (18 जुलाई 1980 में)

• थुम्बा में स्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी केंद्र (SSTC)की स्थापना - 1965

• भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) की स्थापना - 1971,  (मुंबई)

• इंदिरा गांधी परमाणु अनुसंधान केंद्र की स्थापना - 1971, कलपक्कम (मद्रास)

• चंद्रमा पर चरण रखने वाला प्रथम व्यक्ति - नीलआर्मस्ट्रांग (अमेरिका, 21 जुलाई 1969)

• अंतरिक्ष में जाने वाला प्रथम भारतीय  - स्क्वाड्रन लीडर राकेश शर्मा (1984)

• अंतरिक्ष में प्रवेश करने वाली प्रथम भारतीय महिला कौन थी - कल्पना चावला(1997)

• अंतरिक्ष में प्रवेश करने वाली दूसरी भारतीय महिला कौन थी - सुनीता विलियम्स (2007)

•अंतरिक्ष में सबसे ज्यादा दिन रहने का श्रेय किसका था - सुनीता विलियम्स (195 दिन)

• अंतरिक्ष में प्रक्षेपित प्रथम कृत्रिम उपग्रह - स्पूतनिक (सोवियत संघ, 1957)

• देश का पहला रिएक्टर कौन था - अप्सरा (1956)

• दूसरा परमाणु परीक्षण ए•पी•जे• अब्दुल कलाम के नेतृत्व में कब किया गया - 13 मई 1998 को

• भारत की प्रथम महिला अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला का निधन कब हुआ था - 1 फरवरी 2003 ईस्वी में

• सर्वप्रथम मानव रहित कृत्रिम उपग्रह का प्रक्षेपण करने वाला देश - सोवियत संघ

• चंद्रतल पर मनुष्य को उतारने वाला प्रथम अंतरिक्ष यान - अपोलो -11

• मंगल ग्रह पर पहला अंतरिक्ष यान - पाथफाइंटर (6 जुलाई 1997)

• प्रथम मानवरहित अंतरिक्ष यान - शेंजु ( चीन)

• प्रथम अंतरिक्ष शटल - कोलंबिया (अमेरिका 1981)

• अंतरिक्ष में यान से बाहर विचरण करने वाला प्रथम व्यक्ति - अलेक्सी लियोनोव

• अंतरिक्ष में जाने वाला प्रथम - लाइका (एक कुत्तिया)

• देश के सबसे बड़े परमाणु केंद्र ध्रुव ने काम करना आरंभ कब किया - 8 अगस्त 1985

• परमाणु ऊर्जा आयोग की स्थापना - अगस्त 1948

• रावतभाटा परमाणु विद्युत गृह - रावतभाटा (राजस्थान)

• तारापुर परमाणु विद्युत गृह - मुंबई (महाराष्ट्र)

• रमन अनुसंधान केंद्र - बैंगलोर (कर्नाटका)

• स्वदेश निर्मित प्रथम प्रक्षेपास्त्र - पृथ्वी (1988)

• प्रथम स्वदेश निर्मित उपग्रह - इनसेट - 2A (जुलाई 1992)

 




बुधवार, 6 अप्रैल 2022

शरीर के प्रमुख अदभूत तथ्य कौन कौन सी है

• मनुष्य का हृदय धड़कता है - 72बार/ मिनट 

• मानव खोपड़ी में हड्डियां होती है - 8

• स्वस्थ मनुष्य की श्वसन दर - 16 से 18 बार 

• मस्तिष्क का वजन - 1350 से 1400 ग्राम 

• मस्तिष्क का बड़ा भाग - सेरेब्रम (प्रमस्तिष्क)

• वृक्क ( किडनी ) का वजन - 150 ग्राम 

• शरीर की सबसे बड़ी हड्डी - फीमर ( जांघ में) 

• शरीर की सबसे छोटी हड्डी - जबड़े की 

• शरीर का सबसे कठोर तत्व - एनामिल 

• सामान्य मनुष्य का रक्तचाप - 120/80 मिमी.

• मानव रक्त ( क्षारीय) का P H मान - 7.4

• मनुष्य में रक्त की मात्रा होती है - 5 से 6 लीटर 

• मानव शरीर में जल की मात्रा - 65 से 80%

• रक्त को शुद्ध करता है - वृक्क ( किडनी)

• लाल रक्त कण का निर्माण - अस्थिमज्जा में 

• लाल रक्त कण का जीवनकाल - 20 - 120 दिन 

• श्वेत रक्त कण का जीवनकाल - 2 - 4 दिन 

• श्वेत रक्त कण को कहा जाता है - ल्यूकोसाइट 

• लाल रक्त कण को कहा जाता है -  एरिथ्रो साइट 

• शरीर का ताप नियंत्रण - हाइपोथेलेमस ग्रंथि 

• सर्वदाता रक्त समूह (यूनिवर्सल डोनर ) - O 

• सर्वग्राही रक्त समूह (यूनिवर्सल रिसेप्टर ) AB

• रक्तचाप मापने का यंत्र है - स्फेगमोमैनोमीटर 

• ब्लड बैंक कहलाता है - प्लीहा (स्प्लीन )

• भोजन का पाचन प्रारंभ होता है - मुख से 

• पचे हुए भोजन का अवशोषण होता है - छोटी आंत में 

• पित्त स्रावित होता है - यकृत द्वारा 

• विटामिन संचित रहता है - यकृत में 

• शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि - यकृत (लीवर)

• सबसे छोटी ग्रंथि (मास्टर ग्रंथि) - पिट्टयूटरी 

• मनुष्य में पसलियां पाई जाती है - 12 जोड़ी

• शरीर में हड्डियों की कुल संख्या - 206

• शरीर में मांसपेशियों की कुल संख्या - 639

• लार में पाया जाने वाला एंजाइम है - टायलिन 

• लिंग निर्धारण होता है - पुरुष क्रोमोसोम पर 

• मनुष्य का हृदय होता है - चार कोष्ठीय 

• शरीर में गुणसूत्रों की संख्या - 46

• शरीर का सबसे बड़ा अंग - त्वचा 

• शरीर की सबसे बड़ी कोशिका - तंत्रिका तंत्र 

• शरीर में अमीनो अम्ल की संख्या - 20

• शरीर में प्रतिदिन मुद्र बनता है - 1½ ली•

• मूत्र दुर्गंध देता है - यूरिया के कारण 

• मानव मूत्र का पीएच (PH) मान - 6

• शरीर का सामान्य तापमान होता है - 98.6°F या 37°C या 310K

• टिबिया नामक हड्डी पाई जाती है - पैर में 

• दांतो और हड्डियों के संरचना के लिए आवश्यक तत्व है - कैल्शियम एवं फास्फोरस 

• शरीर में उतकों का निर्माण होता है - प्रोटीन से 












शनिवार, 2 अप्रैल 2022

बौद्धधर्म के कुछ महत्वपूर्ण तथ्य क्या क्या है?

•  बौद्धधर्म के संस्थापक गौतम बुद्ध थे। इन्हें एशिया का ज्योतिपुंज(light of Asia) कहा जाता है।

• गौतम बुद्ध का जन्म 563 ईसवी पूर्व में कपिलवस्तु में लुंबिनी नामक स्थान पर हुआ था।

• इन्हें पिता शुद्धोधन सा के गण के मुखिया थे।

• इनकी माता माया देवी की मृत्यु इनके जन्म के सातवें दिन ही हो गई थी इसका लालन-पालन इनकी सौतेली मां प्रजापति गौतमी ने किया था।

• इनके बचपन का नाम सिद्धार्थ था।

• गौतम बुद्ध का विवाह 16 वर्ष की अवस्था में यशोधरा के साथ हुआ इनके पुत्र का नाम राहुल था।

• सिद्धार्थ जब कपिलवस्तु की सैर पर निकले तो उन्होंने निम्न चार दृश्य को क्रमशः देखा।

(१) बूढ़ा व्यक्ति (२) एक बीमार व्यक्ति (३) शव एवं (४) एक सन्यासी

• सांसारिक समस्याओं से व्यवस्थित होकर सिद्धार्थ ने 29 वर्ष की अवस्था में गृह त्याग किया जिसे बौद्ध धर्म में महाभिनिष्क्रमण कहा गया है।

• गृह त्याग करने के बाद सिद्धार्थ ने वैशाली के आलरकालम से  संख्या दर्शन की शिक्षा ग्रहण की। आलारकलाम सिद्धार्थ के प्रथम गुरु हुए।

• अलारकलाम के बाद सिद्धार्थ ने राजगीर के रूद्रकरामपुत्त से शिक्षा ग्रहण की।

• उरुवेला में सिद्धार्थ को पांच साधक मिले।

• बिना अन्न जल ग्रहण के 6 वर्ष की कठिन तपस्या के बाद 35 वर्ष की आयु में वैशाख की पूर्णिमा की रात निरंजना नदी के किनारे पीपल वृक्ष के नीचे सिद्धार्थ को ज्ञान प्राप्त हुआ।

• ज्ञान प्राप्ति के बाद सिद्धार्थ बुद्ध के नाम से जाने गए व स्थान बोधगया कहलया।

• बुद्ध ने अपना प्रथम उपदेश सारनाथ में दिया जिससे बौद्ध ग्रंथों में धर्म चक्र प्रवर्तन कहा गया है।

• बौद्ध ने अपने उद्देश जनसाधारण की भाषा पाली में दिए।

• बौद्ध ने अपने उपदेश कौशल वैशाली कौशांबी एवं अन्य राज्यों में दिए

• बुद्ध ने अपने सर्वाधिक उपदेश कौशल देश की राजधानी श्रावस्ती में दिए।

• बुध की मृत्यु 80 वर्ष की अवस्था मे कुशीनार द्वारा अर्पित भोजन करने के बाद हो गई जिसे बौद्ध धर्म में महापरिनिर्वाण कहा गया।

• मल्लों ने  अत्यंत सम्मान पूर्वक बौद्ध का संस्कार  किया।

• बुद्ध के जन्म एवं मृत्यु की तिथि को चीनी परंपरा के कैंटोन अभिलेख के आधार पर निश्चित किया गया है।

• बौद्ध धर्म के बारे में हमें निषद ज्ञान पाली त्रिपिटक से प्राप्त होता है।

• बौद्ध धर्म मुल्तानी स्वर वादी है इसमें आत्मा की परिकल्पना भी नहीं है।

• बौद्ध धर्म में पुनर्जन्म की मान्यता है।

• विष्णु दुखों से भरा है का सिद्धार्थ बुद्ध ने उपनिषद से लिया।

• बुद्ध के अनुयाई दो भागों में विभाजित थे - 

1. भिक्षुक - बौद्ध धर्म के प्रचार के लिए जिन्होंने सन्यास ग्रहण किया उन्हें भेजो कहा गया।

2. उपासक - गृहस्थ जीवन व्यतीत करते हुए बौद्ध धर्म अपनाने वालों को उपासक आ गया।

• बौद्ध संघ में प्रविष्टि होने  को उपसंपदा कहा जाता था।

• बौद्ध संघ में सम्मिलित होने के लिए न्यूनतम आयु सीमा 15 वर्ष थी।

• बौद्ध धर्म के त्रिरत्न है - बौद्ध, धर्म एवं संघ।

• ठीक अनु श्रुति के अनुसार मृत्यु के बाद बुद्ध के शरीर के अवशेषों को 8 भागों में बांट कर उन पर 8 स्तूपों का निर्माण कराया गया।





रविवार, 27 मार्च 2022

अमीर लोग पैसे के लिए काम नहीं करते बल्कि अमीर लोग पैसे का अविष्कार करते हैं।

                     संसार मैं अक्सर चतुर नहीं

                      साहसी लोग आगे बढ़ते हैं।

9 साल की उम्र में रॉबट कियोसाक और उनके बचपन के मित्र को एक सहपाठी के बीच हाउस पर इसलिए आमंत्रित नहीं किया गया क्योंकि वह एक समृद्धि स्कूल में पढ़ने वाले गरीब बच्चे थे। उनके एक गरीब डैडी एक शिक्षक थे और अच्छे पैसे कमाते थे लेकिन महीना चलाने के लिए हमेशा झूझते रहते थे जब उन्होंने यह सलाह दी कि जाकर पैसे बनाओ तो रॉबट और उनके मित्र माइक ने यह कहा सचमुच करने की कोशिश की: उन्होंने टूथपेस्ट के खाली ट्यूब लिए जो उस वक्त जस्ते से बनते थे। उन्होंने  पिघलाय और नकली निकल बनाने के लिए प्लास्टर के सांचों का इस्तेमाल किया।

                 रॉबट के डैडी ने उन्हें जल्दी ही सही राह पर पहुंचा दिया। उन्होंने यह सलाह दी कि उन्हें माइक के डैडी से पूछना चाहिए जिन्होंने कभी 8 में ग्रेड की पढ़ाई पूरी नहीं की थी लेकिन वह बहुत से सफल व्यवसाई चलाते थे।

माइक के डैडी पुस्तक के अमीर डैडी उन्हें सिखाने के लिए तैयार हो गए लेकिन उनकी कुछ शर्ते थी। उन्होंने कहा कि इसके लिए दोनों लड़कों को उनके कन्वेंशस स्टोर में हर शनिवार की सुबह 3 घंटे तक काम करना होगा जिनमें डिब्बों की दूरी साफ करना तथा दीगर सफाई शामिल थी। उन्होंने कहा कि हुए 10 सेंट प्रति घंटे की दर से पैसे देंगे। रॉबर्ट आमतौर पर यह 10 सेंट कॉमिक बुक्स पर सर्च कर देते थे।

इस निरस काम और कम वेतन से रॉबर्ट का जल्दी ही मोहभंग हो गया। जब उन्होंने अपने मित्र से कहा कि वह यह काम छोड़ने वाले हैं तो माइक ने कहा कि हमें डैडी ने पहले ही चेतावनी दे दी थी कि ऐसा होगा और रॉबर्ट को जाकर उनसे मिलना चाहिए रॉबर्ट के डैडी स्कूल टीचर थे और  व्याख्यान देते थे लेकिन माइक के डैडी  कम बोलते थे और एक बहुत अलग तरीके से सिखाते थे ऐसा रॉबर्ट को पता लगने वाला था।

अगले शनिवार की सुबह रॉबट माइक के डैडी से मिलने गए लेकिन आमिर डैडी ने रॉबर्ट से 1 घंटे तक धूल भरे अंधेरे लिविंग रूम में इंतजार कराया वह भन्न गए और भावुक हो गए जब उन्हें माइक के डैडी के सामने शिकायत करने का मौका मिला उन्होंने अग्र होकर कहा की वे लोभी है और उनके प्रति सम्मान नहीं दिखा रहे हैं। जब उन्होंने कहा कि माइक के डैडी ने अनुबंध के मुताबिक उन्हें कुछ नहीं सिखाया था तो वह शांति से असहमत हुए।

अमीर डैडी ने स्पष्ट किया कि जीवन आपको शब्दों से नहीं सिखाता है बल्कि चारों तरफ धकेल कर सिखाता है कुछ लोगों जीवन के दुखों को चुपचाप जेल जाते हैं बाकी नाराज हो जाते हैं और अपने बॉस या उनके परिजनों के खिलाफ भड़ास निकालते करते हैं लेकिन कुछ ऐसा लोग इससे सबक सीखते हैं और वास्तव में जीवन के धक्कों का स्वागत करते हैं क्योंकि इसका मतलब है कि उन्हें कुछ  सीखने की जरूरत है।

जो लोग या सबक नहीं सीखते हुए जीवन भर हर व्यक्ति को दोष देते रहते हैं और किसी बड़े अवसर का इंतजार करते हैं या सुरक्षित खेलने और कभी जोखिम ना लेने या बड़ी जीत हासिल ना करने का निर्णय लेते हैं।

उन्होंने रॉबर्ट को बताया कि वे और माइक पहले लोग थे जिन्होंने उनसे कभी पैसे बनाने का तरीका सीखना चाहा था उनके पास 150 से ज्यादा कर्मचारी थे और हालांकि उन्होंने नौकरी मांगी थी लेकिन उन्होंने रॉबर्ट और माइक की तरह कभी ज्ञान नहीं मांगा था।

इसलिए आमिर डैडी ने जीवन की तरह सिखाने की कोशिश में लड़कों को थोड़ा आसपास धकाया। रॉबर्ट ने पूछा कि उन्होंने क्या सबक सिखा सिवाय इसके कि आमिर डैडी ओछे थे और अपने कर्मचारियों का शोषण करते थे।अमीर डैडी ने इस बात पर उन्हें चुनौती दी और कहा कि ज्यादातर लोग दूसरों को दोष देते हैं जबकि वास्तव में उनका नजरिया ही समस्या होता है।

समस्या को कौन सुलझाएगा? उनका मस्तिष्क माइक के डैडी ने कहा वे चाहते थे कि रॉबर्ट यह सीखे कि पैसा कैसे काम करता है, ताकि वे इसे अपनी खातिर काम करा सके। वे रॉबर्ट के क्रोध को देख कर भी खुश थे क्योंकि क्रोध प्रेम के साथ मिलकर जोश को बनाता है जो सीखने का एक अहम घटक है।

उन्होंने आगे कहा कि पैसा लोगों की समस्याओं को नहीं सुलझा सकता। कई लोगों के पास भरी तनख्वाह वाली नौकरी तो होती है लेकिन इसके बावजूद भी पैसे की समस्याओं से धीरे रहते हैं जैसे रॉबर्ट के गरीब डैडी क्योंकि वह जानते ही नहीं है कि पैसे से अपनी खातिर कैसे काम कराएं।

उन्होंने कहा कि अगर रॉबर्ट ने यह सबक अभी नहीं सीखा तो उन्होंने 10 सेंट प्रति घंटे की नौकरी में जो महसूस किया था यानी निराशा और यह महसूस करना जैसे यह वेतन काफी नहीं था वैसा ही वे जीवनभर महसूस करते रहेंगे उन्होंने रॉबर्ट को टैक्स की अवधारणा बताइए और यह स्पष्ट किया कि गरीब और मध्यमवर्गीय लोग सरकार को उन पर टैक्स लगाने की अनुमति देते हैं लेकिन अमीर नहीं देते।

उन्होंने पूछा कि क्या रोबोट में अभी भी सीखने के प्रति जोश था। जब उन्होंने हां कहा तो अमीर डैडी ने उनसे कहा कि अब वे स्टोर में काम करने के लिए उन्हें पैसे नहीं देंगे। उन्होंने रॉबर्ट ने कहा कि वे इसके पीछे का अर्थ निकालने के लिए अपने दिमाग का इस्तेमाल करें।

रॉबर्ट और माइक ने 3 सप्ताह तक मुफ्त में काम किया माइक के डैडी आए और उन्हें बातचीत के लिए बाहर ले गए। उन्होंने पूछा कि क्या उन्होंने अब तक कोई चीज सीखी। वे कुछ नहीं सीख पाए थे। आमिर डैडी ने उन्हें बताया कि अगर इस शब्द को नहीं सीखते हैं तो वह ज्यादातर लोगों जैसे होंगे जो जीवन भर काम पैसे के लिए कड़ी मेहनत करते रहते हैं। उन्होंने प्रति घंटे 25 सेंट वेतन का प्रस्ताव रखा जिसका बच्चों ने प्रतिरोध किया। उन्होंने इसे बढ़ाकर $1 प्रति घंटे कर दिया और फिर $2 लेकिन रॉबर्ट खामोश बने रहें  1 घंटे के $5 के अंतिम प्रस्ताव के बाद रॉबर्ट जान गए कि वे नहीं बिकेंगे।

अमीर डैडी ने कहा कि यह अच्छी बात थी कि उनकी कोई कीमत नहीं थी। ज्यादातर लोगों की होती है क्योंकि डर और लोभ उनके जीवन को नियंत्रित करता है गरीब का डर उनसे कड़ी मेहनत कराता है और वेतन कमाबाता है लेकिन एक बार जब उनके पास वेतन आ जाता है तो लोभवश वे उन तमाम चीजों के बारे में सोचने लगते हैं जिन्हें वे खरीद सकते हैं इससे उन्हें ज्यादा पैसे की जरूरत महसूस होती है ताकि वह ज्यादा खर्च कर सके इसी को अमीर डैडी चूहा दौड़ कहते हैं।

उन्होंने लड़कों को बताया कि पहला कदम खुद के सामने यह स्वीकार करना है कि वे क्या महसूस कर रहे हैं अक्सर लोग टाकिर्क दृष्टि से सोचने के बजाय अपनी भावनाओं के तहत प्रक्रिया करते हैं वह यह स्वीकार करने से डरते हैं कि पैसा ही उनके जीवन को चला रहा है इसलिए पैसा उन्हें नियंत्रित करता है।

ऐसी बात नहीं है कि इस डर का सामना सिर्फ गरीब ही जो करते हैं अमीर लोगों को ही अक्सर डर लगता है। अमीर डैडी लड़कों को सिर्फ अमीर बनना ही नहीं सिखाना चाहते थे क्योंकि पैसे से समस्या नहीं सुलझती है।

आमिर डैडी ने उन्हें बताया कि स्कूल महत्वपूर्ण है लेकिन ज्यादातर लोगों के लिए यह शुरुआत नहीं बल्कि अंत है। और कुंजी यह है कि लड़के सोचने के लिए अपने भावनाओं का इस्तेमाल करना सीखे अपनी भावनाओं से सोचना ना सीखें उन्हें अपने विचारों का चयन करना सीखना चाहिए।

आमिर डैडी ने उन्हें बताया कि वे पैसा कमाने के तरीके पर निगाह रखें जिस पल आप किसी अवसर को देख लेते हैं आप जीवन भर अफसरों को देखने लगेंगे।

लड़कों ने ऐसा ही किया और जल्द ही उन्हें एक लाइब्रेरी बनाने का अवसर दिखा जहां बच्चे प्रवेश शुल्क देकर 2 घंटे में मनचाही कॉमिक पुस्तकें पढ़ सकते थे बिना बीकी कॉमिक बुक्स जो कन्वीनियंस स्टोर से फेंक दी जाती थी।

उन्होंने भारी मुनाफा कमाया और लाइब्रेरी का यह व्यवसाय 3 महीने तक अच्छी तरह चला लेकिन फिर लाइब्रेरी में फसाद होने की वजह से इसे बंद करना पड़ा लेकिन उन्होंने अपनी अनुपस्थिति में पैसे से अपनी खातिर काम कराने का पहला सबक सीख लिया था। वह ज्यादा सीखने के लिए तैयार थे और माइक के डैडी उन्हें सिखाने के लिए तैयार थे।





शुक्रवार, 18 मार्च 2022

सभी_महिलाओ_ और लड़कियों_को_आदर_सहित_समर्पित यह फैसला कीजिए कौन कैसा है। लड़का या लड़कियां



लड़के ने नम्बर मांगा आप ने दे दिया... 

लड़के ने तस्वीर मांगी आप ने दे दी...

लड़के ने वीडियो कॉल के लिए कहा आप ने कर ली...

लड़के ने दुपट्टा हटाने को कहा आप ने हटा दिया...

लड़के ने कुछ देखने की ख्वाहिश की आप ने पूरी कर दी...

लड़के ने मिलने को कहा आप माँ बाप को धोखा देकर आशिक़ से मिलने पहुंच गयीं...

लड़के ने बाग में बैठ कर आप की तारीफ़ करते हुए आपको सरसब्ज़ बाग दिखाए आपने देख लिये...

फिर जूस कार्नर पर जूस पीते वक़्त लड़के ने हाथ लगाया, इशारे किये, मगर कोई बात नहीं अब नया ज़माना है यह सब तो चलता ही है...

फिर लड़के ने होटल में कमरा लेने की बात की, आप ने शर्माते हुए इंकार कर दिया, कि शादी से पहले यह सब अच्छा तो नहीं लगता न...

फिर दो तीन बार कहने पर आप तैयार हो गयीं होटल के कमरे में जाने के लिए...

आप दोनों ने मिल कर खूब एंजॉय किया...

अंडरस्टेंडिंग के नाम पर दुल्हा दुल्हन बन गए बस बच्चा पैदा न हो इस पर ध्यान दिया...

फिर एक दिन झगड़ा हुआ और सब खत्म क्योंकि हराम रिश्तों का अंजाम कुछ ऐसा ही होता है...

लेकिन लेकिन...

यहां सरासर मर्द गलत नहीं है, वह भेड़िया है, वह मुजरिम है, वह सबकुछ है...

क्योंकि आप ने तो तस्वीर नहीं दी थी वह जबर्दस्ती आपके मोबाइल में घुस कर ले गया था...

आप ने तो अपना नम्बर नहीं दिया वह लड़का खुद आप के मोबाइल से नम्बर ले गया था...

आप ने तो वीडियो कॉल नहीं की वह लड़का खुद आप के घर पहुंच गया था आपको लाइव देखने...

जूस कार्नर पर भी जबरदस्ती ले गया था गन प्वाइंट पर...

होटल के कमरे तक भी वह आपको जबर्दस्ती आपके घर से ले गया था...

तो मुजरिम तो सिर्फ लड़का है आप तो बिल्कुल भी नहीं...

बच्ची हैं आप कोई चार साल की?

आपको समझ नहीं आती?

यह कचरे में पड़ी लाशें देख कर भी आपको अक़्ल नहीं आती?

यह बिना सर के मिलने वाले धड़ आपकी अक़्ल पर कोई चोट नहीं देते?

यह सोशल मीडिया पर आए दिन ज़्यादती के बढ़ती हुई घटना आपको कुछ नहीं बताती?

जूस कार्नर पर जाना, अपनी नंगी तस्वीर किसी गैर आदमी या लड़के को देना...

आपको नहीं पता था कि एक होटल के कमरे में या चारदीवारी में जिस्मों की प्यास बुझाई जाती है, 

सब पता था आपको, सब पता है आपको...

होटल के कमरे में मुहब्बत के अफसाने नहीं लिखे जाते,वहां कोई इबादत नही होती है

फिर शिकायत होती है के चार लड़कों ने ग्रुप रेप कर दिया... 

क्या लगता है वह आपका जो आपकी इज्ज़त का ख्याल रखे जो खुद आपको इसी मकसद के लिए लेकर जा रहा है?

अपनी सीमा में रहेंगी तो आपको कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता...

जिस्म के भूखो से दूर ही रहे लड़का हो या लड़की प्यार जैसे पवित्र रिश्ते को बदनाम ना करे प्यार दिल देखकर करे ना कि जिस्म देखकर l❣ जब तक तुम साथ नही दोगी तब तक किसी लड़के की कोई औकात नही हैं कि वो तुम्हे किसी होटल के रूम तक ले जा सके।।।।गलत लगे तो  मुझे माफ कीजिएगा!!  

      (तो आपलोग हमें फॉलो जरूर करे)

सोमवार, 14 मार्च 2022

मुख्यमंत्री वृद्धजन योजना क्या है? कैसे लाभ ले सकते हैं इस योजना है जरूर जान लीजिए।

बिहार सरकार ने 60 साल या उससे अधिक उम्र के सभी लोगों के लिए मुख्यमंत्री वृद्धाजन पेंशन योजना की घोषणा की है । इस योजना के तहत 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के लोगों को सरकार पेंशन देगी। सरकार की इस योजना का फायदा उन लोगों को नहीं मिल पाएगा जो सरकारी नौकरियों से रिटायर हुए हैं सरकार का कहना है कि बिहार में बहुत से ऐसे नागरिक है जिनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। उम्र के इस पड़ाव में वह काम करने में सक्षम नहीं है। रोजमर्रा के खर्च चलाने के लिए उन्हें आश्रित रहना पड़ता है ऐसे में वृद्ध नागरिकों को आर्थिक मदद के इरादे से इस योजना की शुरुआत की गई है। सरकार के अनुसार अब तक किसी पेंशन योजनाओं से वंचित राज्य के वृद्ध जनों को अन्य पेंशन योजना के तहत इस योजना के तहत ₹400 मासिक पेंशन मिलेगी इस योजना के मुख्य  बातें हैं - 

• बिहार 60 वर्ष और उसके ऊपर के सभी बुजुर्गों को पेंशन देने वाला पहला राज्य बन गया है।

• बिहार सरकार ने 1 मार्च 2019 को यूनिवर्सल ओल्ड एज पेंशन स्कीम लॉन्च की है।

• इस योजना का लाभ सभी जातियों और हर वर्ग के उस बुजुर्गों को मिलेगा जिससे अब तक केंद्र या राज्य सरकार की ओर से कोई पेंशन नहीं मिलती है।

• इसी योजना के तहत 60 वर्ष से अधिक आयु के गरीब लोगों को प्रतिमाह ₹400 और 80 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को प्रति माह ₹500 मिलेंगे।

• अन्य राज्यों में वृद्धावस्था पेंशन केवल बीपीएल परिवारों sc-st विधवा महिलाओं और विकलांगों को मिलती है हालांकि बिहार में हर एक पुरुष या महिला की उम्र 60 या उससे ऊपर है और उन्हें राज्य सरकार या केंद्र सरकार से अब तक कोई पेंशन नहीं मिल रही है तो वे मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के तहत पेंशन के हकदार होंगे।

• पहले से गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों को वृद्धा पेंशन योजना का लाभ दिया जा रहा था। विधवा पेंशन, दिव्यांगजनों को पेंशन जैसी अनेक योजनाएं चलाई जा रही थी लेकिन 60 वर्ष से ऊपर के सभी वृद्धजनों को चाहे स्त्री हो या पुरुष जी ने केंद्र या राज्य सरकार से कोई वेतन पेंशन परिवारिक पेंशन या सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त नहीं हो रही है उन्हें इसका लाभ देने की योजना बनाई और इसे लागू कर दिया गया है।

• इस योजना का लाभ करीब 35 से 36 लाख बुजुर्गों को मिलेगा जो अब तक किसी योजना के तहत पेंशन नहीं पाते हैं।