संसार मैं अक्सर चतुर नहीं
साहसी लोग आगे बढ़ते हैं।
9 साल की उम्र में रॉबट कियोसाक और उनके बचपन के मित्र को एक सहपाठी के बीच हाउस पर इसलिए आमंत्रित नहीं किया गया क्योंकि वह एक समृद्धि स्कूल में पढ़ने वाले गरीब बच्चे थे। उनके एक गरीब डैडी एक शिक्षक थे और अच्छे पैसे कमाते थे लेकिन महीना चलाने के लिए हमेशा झूझते रहते थे जब उन्होंने यह सलाह दी कि जाकर पैसे बनाओ तो रॉबट और उनके मित्र माइक ने यह कहा सचमुच करने की कोशिश की: उन्होंने टूथपेस्ट के खाली ट्यूब लिए जो उस वक्त जस्ते से बनते थे। उन्होंने पिघलाय और नकली निकल बनाने के लिए प्लास्टर के सांचों का इस्तेमाल किया।
रॉबट के डैडी ने उन्हें जल्दी ही सही राह पर पहुंचा दिया। उन्होंने यह सलाह दी कि उन्हें माइक के डैडी से पूछना चाहिए जिन्होंने कभी 8 में ग्रेड की पढ़ाई पूरी नहीं की थी लेकिन वह बहुत से सफल व्यवसाई चलाते थे।
माइक के डैडी पुस्तक के अमीर डैडी उन्हें सिखाने के लिए तैयार हो गए लेकिन उनकी कुछ शर्ते थी। उन्होंने कहा कि इसके लिए दोनों लड़कों को उनके कन्वेंशस स्टोर में हर शनिवार की सुबह 3 घंटे तक काम करना होगा जिनमें डिब्बों की दूरी साफ करना तथा दीगर सफाई शामिल थी। उन्होंने कहा कि हुए 10 सेंट प्रति घंटे की दर से पैसे देंगे। रॉबर्ट आमतौर पर यह 10 सेंट कॉमिक बुक्स पर सर्च कर देते थे।
इस निरस काम और कम वेतन से रॉबर्ट का जल्दी ही मोहभंग हो गया। जब उन्होंने अपने मित्र से कहा कि वह यह काम छोड़ने वाले हैं तो माइक ने कहा कि हमें डैडी ने पहले ही चेतावनी दे दी थी कि ऐसा होगा और रॉबर्ट को जाकर उनसे मिलना चाहिए रॉबर्ट के डैडी स्कूल टीचर थे और व्याख्यान देते थे लेकिन माइक के डैडी कम बोलते थे और एक बहुत अलग तरीके से सिखाते थे ऐसा रॉबर्ट को पता लगने वाला था।
अगले शनिवार की सुबह रॉबट माइक के डैडी से मिलने गए लेकिन आमिर डैडी ने रॉबर्ट से 1 घंटे तक धूल भरे अंधेरे लिविंग रूम में इंतजार कराया वह भन्न गए और भावुक हो गए जब उन्हें माइक के डैडी के सामने शिकायत करने का मौका मिला उन्होंने अग्र होकर कहा की वे लोभी है और उनके प्रति सम्मान नहीं दिखा रहे हैं। जब उन्होंने कहा कि माइक के डैडी ने अनुबंध के मुताबिक उन्हें कुछ नहीं सिखाया था तो वह शांति से असहमत हुए।
अमीर डैडी ने स्पष्ट किया कि जीवन आपको शब्दों से नहीं सिखाता है बल्कि चारों तरफ धकेल कर सिखाता है कुछ लोगों जीवन के दुखों को चुपचाप जेल जाते हैं बाकी नाराज हो जाते हैं और अपने बॉस या उनके परिजनों के खिलाफ भड़ास निकालते करते हैं लेकिन कुछ ऐसा लोग इससे सबक सीखते हैं और वास्तव में जीवन के धक्कों का स्वागत करते हैं क्योंकि इसका मतलब है कि उन्हें कुछ सीखने की जरूरत है।
जो लोग या सबक नहीं सीखते हुए जीवन भर हर व्यक्ति को दोष देते रहते हैं और किसी बड़े अवसर का इंतजार करते हैं या सुरक्षित खेलने और कभी जोखिम ना लेने या बड़ी जीत हासिल ना करने का निर्णय लेते हैं।
उन्होंने रॉबर्ट को बताया कि वे और माइक पहले लोग थे जिन्होंने उनसे कभी पैसे बनाने का तरीका सीखना चाहा था उनके पास 150 से ज्यादा कर्मचारी थे और हालांकि उन्होंने नौकरी मांगी थी लेकिन उन्होंने रॉबर्ट और माइक की तरह कभी ज्ञान नहीं मांगा था।
इसलिए आमिर डैडी ने जीवन की तरह सिखाने की कोशिश में लड़कों को थोड़ा आसपास धकाया। रॉबर्ट ने पूछा कि उन्होंने क्या सबक सिखा सिवाय इसके कि आमिर डैडी ओछे थे और अपने कर्मचारियों का शोषण करते थे।अमीर डैडी ने इस बात पर उन्हें चुनौती दी और कहा कि ज्यादातर लोग दूसरों को दोष देते हैं जबकि वास्तव में उनका नजरिया ही समस्या होता है।
समस्या को कौन सुलझाएगा? उनका मस्तिष्क माइक के डैडी ने कहा वे चाहते थे कि रॉबर्ट यह सीखे कि पैसा कैसे काम करता है, ताकि वे इसे अपनी खातिर काम करा सके। वे रॉबर्ट के क्रोध को देख कर भी खुश थे क्योंकि क्रोध प्रेम के साथ मिलकर जोश को बनाता है जो सीखने का एक अहम घटक है।
उन्होंने आगे कहा कि पैसा लोगों की समस्याओं को नहीं सुलझा सकता। कई लोगों के पास भरी तनख्वाह वाली नौकरी तो होती है लेकिन इसके बावजूद भी पैसे की समस्याओं से धीरे रहते हैं जैसे रॉबर्ट के गरीब डैडी क्योंकि वह जानते ही नहीं है कि पैसे से अपनी खातिर कैसे काम कराएं।
उन्होंने कहा कि अगर रॉबर्ट ने यह सबक अभी नहीं सीखा तो उन्होंने 10 सेंट प्रति घंटे की नौकरी में जो महसूस किया था यानी निराशा और यह महसूस करना जैसे यह वेतन काफी नहीं था वैसा ही वे जीवनभर महसूस करते रहेंगे उन्होंने रॉबर्ट को टैक्स की अवधारणा बताइए और यह स्पष्ट किया कि गरीब और मध्यमवर्गीय लोग सरकार को उन पर टैक्स लगाने की अनुमति देते हैं लेकिन अमीर नहीं देते।
उन्होंने पूछा कि क्या रोबोट में अभी भी सीखने के प्रति जोश था। जब उन्होंने हां कहा तो अमीर डैडी ने उनसे कहा कि अब वे स्टोर में काम करने के लिए उन्हें पैसे नहीं देंगे। उन्होंने रॉबर्ट ने कहा कि वे इसके पीछे का अर्थ निकालने के लिए अपने दिमाग का इस्तेमाल करें।
रॉबर्ट और माइक ने 3 सप्ताह तक मुफ्त में काम किया माइक के डैडी आए और उन्हें बातचीत के लिए बाहर ले गए। उन्होंने पूछा कि क्या उन्होंने अब तक कोई चीज सीखी। वे कुछ नहीं सीख पाए थे। आमिर डैडी ने उन्हें बताया कि अगर इस शब्द को नहीं सीखते हैं तो वह ज्यादातर लोगों जैसे होंगे जो जीवन भर काम पैसे के लिए कड़ी मेहनत करते रहते हैं। उन्होंने प्रति घंटे 25 सेंट वेतन का प्रस्ताव रखा जिसका बच्चों ने प्रतिरोध किया। उन्होंने इसे बढ़ाकर $1 प्रति घंटे कर दिया और फिर $2 लेकिन रॉबर्ट खामोश बने रहें 1 घंटे के $5 के अंतिम प्रस्ताव के बाद रॉबर्ट जान गए कि वे नहीं बिकेंगे।
अमीर डैडी ने कहा कि यह अच्छी बात थी कि उनकी कोई कीमत नहीं थी। ज्यादातर लोगों की होती है क्योंकि डर और लोभ उनके जीवन को नियंत्रित करता है गरीब का डर उनसे कड़ी मेहनत कराता है और वेतन कमाबाता है लेकिन एक बार जब उनके पास वेतन आ जाता है तो लोभवश वे उन तमाम चीजों के बारे में सोचने लगते हैं जिन्हें वे खरीद सकते हैं इससे उन्हें ज्यादा पैसे की जरूरत महसूस होती है ताकि वह ज्यादा खर्च कर सके इसी को अमीर डैडी चूहा दौड़ कहते हैं।
उन्होंने लड़कों को बताया कि पहला कदम खुद के सामने यह स्वीकार करना है कि वे क्या महसूस कर रहे हैं अक्सर लोग टाकिर्क दृष्टि से सोचने के बजाय अपनी भावनाओं के तहत प्रक्रिया करते हैं वह यह स्वीकार करने से डरते हैं कि पैसा ही उनके जीवन को चला रहा है इसलिए पैसा उन्हें नियंत्रित करता है।
ऐसी बात नहीं है कि इस डर का सामना सिर्फ गरीब ही जो करते हैं अमीर लोगों को ही अक्सर डर लगता है। अमीर डैडी लड़कों को सिर्फ अमीर बनना ही नहीं सिखाना चाहते थे क्योंकि पैसे से समस्या नहीं सुलझती है।
आमिर डैडी ने उन्हें बताया कि स्कूल महत्वपूर्ण है लेकिन ज्यादातर लोगों के लिए यह शुरुआत नहीं बल्कि अंत है। और कुंजी यह है कि लड़के सोचने के लिए अपने भावनाओं का इस्तेमाल करना सीखे अपनी भावनाओं से सोचना ना सीखें उन्हें अपने विचारों का चयन करना सीखना चाहिए।
आमिर डैडी ने उन्हें बताया कि वे पैसा कमाने के तरीके पर निगाह रखें जिस पल आप किसी अवसर को देख लेते हैं आप जीवन भर अफसरों को देखने लगेंगे।
लड़कों ने ऐसा ही किया और जल्द ही उन्हें एक लाइब्रेरी बनाने का अवसर दिखा जहां बच्चे प्रवेश शुल्क देकर 2 घंटे में मनचाही कॉमिक पुस्तकें पढ़ सकते थे बिना बीकी कॉमिक बुक्स जो कन्वीनियंस स्टोर से फेंक दी जाती थी।
उन्होंने भारी मुनाफा कमाया और लाइब्रेरी का यह व्यवसाय 3 महीने तक अच्छी तरह चला लेकिन फिर लाइब्रेरी में फसाद होने की वजह से इसे बंद करना पड़ा लेकिन उन्होंने अपनी अनुपस्थिति में पैसे से अपनी खातिर काम कराने का पहला सबक सीख लिया था। वह ज्यादा सीखने के लिए तैयार थे और माइक के डैडी उन्हें सिखाने के लिए तैयार थे।
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