बिहार सरकार ने 60 साल या उससे अधिक उम्र के सभी लोगों के लिए मुख्यमंत्री वृद्धाजन पेंशन योजना की घोषणा की है । इस योजना के तहत 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के लोगों को सरकार पेंशन देगी। सरकार की इस योजना का फायदा उन लोगों को नहीं मिल पाएगा जो सरकारी नौकरियों से रिटायर हुए हैं सरकार का कहना है कि बिहार में बहुत से ऐसे नागरिक है जिनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। उम्र के इस पड़ाव में वह काम करने में सक्षम नहीं है। रोजमर्रा के खर्च चलाने के लिए उन्हें आश्रित रहना पड़ता है ऐसे में वृद्ध नागरिकों को आर्थिक मदद के इरादे से इस योजना की शुरुआत की गई है। सरकार के अनुसार अब तक किसी पेंशन योजनाओं से वंचित राज्य के वृद्ध जनों को अन्य पेंशन योजना के तहत इस योजना के तहत ₹400 मासिक पेंशन मिलेगी इस योजना के मुख्य बातें हैं -
• बिहार 60 वर्ष और उसके ऊपर के सभी बुजुर्गों को पेंशन देने वाला पहला राज्य बन गया है।
• बिहार सरकार ने 1 मार्च 2019 को यूनिवर्सल ओल्ड एज पेंशन स्कीम लॉन्च की है।
• इस योजना का लाभ सभी जातियों और हर वर्ग के उस बुजुर्गों को मिलेगा जिससे अब तक केंद्र या राज्य सरकार की ओर से कोई पेंशन नहीं मिलती है।
• इसी योजना के तहत 60 वर्ष से अधिक आयु के गरीब लोगों को प्रतिमाह ₹400 और 80 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को प्रति माह ₹500 मिलेंगे।
• अन्य राज्यों में वृद्धावस्था पेंशन केवल बीपीएल परिवारों sc-st विधवा महिलाओं और विकलांगों को मिलती है हालांकि बिहार में हर एक पुरुष या महिला की उम्र 60 या उससे ऊपर है और उन्हें राज्य सरकार या केंद्र सरकार से अब तक कोई पेंशन नहीं मिल रही है तो वे मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के तहत पेंशन के हकदार होंगे।
• पहले से गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों को वृद्धा पेंशन योजना का लाभ दिया जा रहा था। विधवा पेंशन, दिव्यांगजनों को पेंशन जैसी अनेक योजनाएं चलाई जा रही थी लेकिन 60 वर्ष से ऊपर के सभी वृद्धजनों को चाहे स्त्री हो या पुरुष जी ने केंद्र या राज्य सरकार से कोई वेतन पेंशन परिवारिक पेंशन या सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त नहीं हो रही है उन्हें इसका लाभ देने की योजना बनाई और इसे लागू कर दिया गया है।
• इस योजना का लाभ करीब 35 से 36 लाख बुजुर्गों को मिलेगा जो अब तक किसी योजना के तहत पेंशन नहीं पाते हैं।
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